लखनऊ:यूपी में SC/ST छात्रों की मेडिकल शिक्षा पर संकट, सांसद चन्द्रशेखर ने सीएम योगी को लिखा पत्र

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 सितम्बर 2025 नगीना से लोकसभा सांसद एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चन्द्रशेखर आज़ाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान (SCP/SCAP) के तहत स्थापित मेडिकल कॉलेजों में SC/ST छात्रों के लिए सुरक्षित 70% सीटें वर्तमान में खतरे में हैं।

हाईकोर्ट के आदेश से आरक्षण पर संकट

पत्र में सांसद ने बताया कि अम्बेडकरनगर, जालौन, कन्नौज और सहारनपुर में विशेष रूप से SC/ST छात्रों के शैक्षिक उत्थान के लिए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए थे। ये कॉलेज भारत सरकार की योजना आयोग द्वारा 31 अक्टूबर 2005 को जारी दिशा-निर्देशों के तहत SCP बजट से बनाए गए थे।

लेकिन 25 अगस्त 2025 को लखनऊ खंडपीठ, हाईकोर्ट ने याचिका संख्या 78208/2025 (साबरा अहमद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य) में आदेश जारी कर इन कॉलेजों से जुड़े सभी शासनादेशों को रद्द कर दिया। नतीजतन, चल रही काउंसिलिंग प्रक्रिया में SC/ST छात्रों को हटाने का मार्ग प्रशस्त हो गया।

‘कमजोर पैरवी से नुकसान’ – सांसद का आरोप

एड. चन्द्रशेखर ने आरोप लगाया कि शासन के अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता नहीं समझी और केवल औपचारिक रूप से स्पेशल अपील संख्या 2958/2025 दाखिल की। कमजोर पैरवी के चलते हाईकोर्ट ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा और सरकार ने बिना आपत्ति स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लाखों SC/ST छात्रों के हितों पर सीधा आघात है।

संवैधानिक प्रावधानों का हवाला

सांसद ने पत्र में संविधान के अनुच्छेद 15(4) और अनुच्छेद 46 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की उन्नति तथा SC/ST समुदाय के शैक्षिक व आर्थिक हितों की रक्षा करे। इन्हीं संवैधानिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हुई थी।

मुख्यमंत्री से सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग

चन्द्रशेखर आज़ाद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस फैसले की तत्काल समीक्षा कराई जाए और सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की जाए, ताकि SC/ST छात्रों के आरक्षण और शिक्षा के अधिकार सुरक्षित रह सकें। उन्होंने लिखा – “आपकी संवेदनशील पहल से लाखों दलित-पिछड़े छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा।”

राजनीतिक और सामाजिक हलचल

इस प्रकरण ने प्रदेश में नई राजनीतिक और सामाजिक बहस छेड़ दी है। दलित और वंचित तबकों के संगठन पहले से ही शिक्षा में बढ़ती असमानता को लेकर आवाज उठा रहे हैं। अब सांसद चन्द्रशेखर का यह पत्र इस मुद्दे को और गर्मा सकता है।