लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘मिशन शक्ति 5.0’ का शुभारंभ, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर खास जोर

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर विभिन्न विभागों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर ‘मिशन शक्ति’ अभियान की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने आगामी शारदीय नवरात्रि से ‘मिशन शक्ति’ के पांचवें चरण के शुभारंभ की घोषणा की। यह चरण 22 सितंबर से 30 दिनों तक सतत रूप से संचालित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 से प्रारंभ हुए इस अभियान ने प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। अब तक इसके चार चरण पूरे हो चुके हैं और पांचवें चरण को और व्यापक स्वरूप में लागू किया जाएगा।

पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि: पुलिस बल की फुट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाए। PRV-112 की गाड़ियां लगातार सक्रिय रहें। ADG, IG, DIG स्तर के अधिकारी फील्ड में उतरें, आमजन से संवाद करें, गश्त में शामिल हों और पुलिस लाइनों का निरीक्षण करें। अपराधी कानून के भय से आतंकित दिखें और कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में 44,177 महिला पुलिस कार्मिक प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

गांव-गांव तक पहुंचेगी ‘मिशन शक्ति’ की टीम

अभियान के तहत 30 दिनों में: सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार नगरीय वार्डों में महिला बीट पुलिस अधिकारी भेजी जाएंगी। ये अधिकारी ग्राम प्रधान, सभासद, आशा, ANM और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के साथ भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद करेंगी। उन्हें सरकारी योजनाओं, उनके अधिकारों और आपातकालीन सहायता की पूरी जानकारी दी जाएगी।

पर्व-त्योहारों में विशेष सुरक्षा

नवरात्रि और अन्य त्योहारों पर मंदिरों, मेलों और सार्वजनिक स्थलों पर महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती होगी। एंटी रोमियो स्क्वॉड को और सक्रिय किया जाएगा, ताकि शोहदों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। महिला अपराधों में शामिल अपराधियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी कि वे दोबारा अपराध न कर सकें।

संवाद, जागरूकता और कानूनी सहायता

प्रत्येक जनपद में महिला सुरक्षा पर संवाद और कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में अस्पतालों, औद्योगिक संस्थानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को जोड़ा जाएगा। विद्यालयों व कॉलेजों में लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर छात्रों को महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक किया जाएगा। जेलों में बंद असहाय महिलाओं को विधिक सहायता सुनिश्चित की जाएगी। महिला अपराधों के निस्तारण के लिए अभियोजन की कार्यवाही तेज की जाएगी, ताकि अपराधियों को त्वरित सजा हो सके।

महिला हेल्पलाइन और पिंक बूथ

महिला हेल्पलाइन 1090 पर आने वाली प्रत्येक कॉल का गंभीरता से निस्तारण होगा। सभी नगर निगमों में पिंक बूथ की स्थापना होगी। मिशन शक्ति केंद्रों को 360 डिग्री मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जहां शिकायत पंजीकरण, काउंसलिंग, लीगल एड, फीडबैक और फॉलो-अप की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इन केंद्रों पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें जेंडर सेंसिटाइजेशन, डिजिटल एविडेंस कलेक्शन और वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी शामिल होगी।

पिछले चरण की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि: ‘मिशन शक्ति’ के पिछले चरण में 3.44 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 2.03 करोड़ से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने सहभागिता की। 9,172 महिला बीट्स और 18,344 महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। महिला हेल्पलाइन 1090, आपात सेवा 112, पिंक बूथ, पिंक स्कूटी, पिंक SUV पेट्रोलिंग, आशा ज्योति केंद्र, CCTV और पैनिक बटन जैसी व्यवस्थाओं से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ITSSO पोर्टल के अनुसार, प्रदेश 98.80% निस्तारण दर के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

विशेष अभियान

पिछले चरण में कई विशेष अभियान चलाए गए:ऑपरेशन गरुड़ – साइबर अपराधियों पर कार्यवाही

ऑपरेशन बचपन – 2,857 बच्चों का पुनर्वास और 22 अपराधियों की गिरफ्तारी

ऑपरेशन मजनू – 74,000 से अधिक युवकों पर कार्यवाही

ऑपरेशन नशा मुक्ति – 40,000 से अधिक गिरफ्तारी

ऑपरेशन रक्षा– होटलों और पब्स में अवैध गतिविधियों पर रोक

ऑपरेशन ईगल – 7,000 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी

मुख्यमंत्री का संदेश

योगी आदित्यनाथ ने कहा –“मिशन शक्ति केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने का व्यापक सामाजिक अभियान है। हर गांव, हर वार्ड और हर परिवार तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जाए। प्रदेश की हर बेटी को सुरक्षा और सम्मान का भरोसा दिलाना ही हमारा लक्ष्य है।”

 यह अभियान महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को और मजबूती देगा और प्रदेश को महिला सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।