लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 दिसम्बर 2025 उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब लगभग सवा साल का समय बचा है, लेकिन राजनीतिक हलचल अभी से तेज होती दिखाई दे रही है। बिहार में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने यूपी में भी अपनी गतिविधियाँ तेज कर दी हैं। सोमवार को संघ, बीजेपी संगठन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के बीच एक अहम समन्वय बैठक हुई, जिसे मिशन 2027 की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिशन 2027 पर मंथन
बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती, बूथ स्तरीय संरचना और सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। माना जा रहा है कि RSS ने सरकार और संगठन दोनों को आगामी चुनाव को देखते हुए प्राथमिकताएँ तय करने और कमियों को दूर करने के लिए सुझाव दिए हैं।
सीएम योगी और RSS नेताओं की अलग बैठक ने बढ़ाई हलचल
समन्वय बैठक के बाद संघ के प्रमुख पदाधिकारियों की सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ अलग बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इसे लेकर चर्चा है कि आने वाले महीनों में बीजेपी संगठन में बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार —प्रदेश संगठन की कार्यशैली पर संघ ने अपनी राय रखी, कई जिलों और सेक्टरों के पुनर्गठन पर विचार हो रहा है, 2027 के लिए भाजपा को नए चेहरे और नई ऊर्जा प्रदान करने की योजना बन रही है।
संगठन और सरकार में समन्वय मजबूत करने की कोशिश
बीजेपी और सरकार के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की बैठकें महत्त्वपूर्ण मानी जाती हैं। सूत्र बताते हैं कि RSS यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सरकार की योजनाएँ जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचें और संगठन बूथ से लेकर मंडल स्तर तक मजबूत हो।
क्यों बढ़ा संघ का हस्तक्षेप?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि—विपक्ष लगातार सरकार को मुद्दों पर घेरने की कोशिश में है, महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय समस्याओं जैसे विषयों पर जनता की धारणा को समझने की आवश्यकता है, 2024 लोकसभा चुनाव में कई सीटों पर भाजपा की घटती बढ़त ने संगठन को सतर्क किया है।इसी वजह से आरएसएस ने अभी से चुनावी तैयारी का खाका खींचना शुरू कर दिया है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं बैठकें
संकेत मिल रहे हैं कि मुख्यमंत्री योगी और संघ के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच आने वाले दिनों में कई और बैठकों का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश बीजेपी संगठन में छोटे से लेकर बड़े स्तर तक संभावित बदलाव किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष:
बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में RSS की बढ़ती सक्रियता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मिशन 2027 के लिए तैयारी तेज हो चुकी है। संगठनात्मक बदलावों और रणनीति के माध्यम से बीजेपी आगामी चुनाव में मजबूत प्रदर्शन सुनिश्चित करना चाहती है।
