‘जिसे लड़ना है, उसे लड़ने दो’; पश्चिम एशिया तनाव के बीच दिशा पाटनी की बहन खुशबू का पोस्ट

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत में भी लोगों के अलग-अलग रिएक्शन देखे जा रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश में कई जगह प्रदर्शन हुए। वहीं, तमाम लोगों ने इस पर आलोचना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों के बीच बहस के बीच दिशा पाटनी की बहन व पूर्व सेनाधिकारी खुशबू पाटनी ने लोगों को सलाह दी है कि इस तनाव को धर्म से जोड़कर न देखें।

खुशबू पाटनी भारतीय सेना में मेजर के पद से रिटायर हैं। इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के बीच वे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लगातार अपने रिएक्शन दे रही हैं। इस बीच उन्होंने आज शुक्रवार को उन्होंने एक पोस्ट साझा कर लोगों को सलाह दी है कि वे भावनात्मक रूप से इस युद्ध से न जुड़ें। इसकी वजह से आपस में बहस में न उलझें। यह धार्मिक युद्ध नहीं है। और, ईरान हमारा देश नहीं है।

उन्होंने लिखा है, ‘जिसे लड़ना है, उसे लड़ने दो। जब तक भारत सीधे इस ईरान, इस्राइल और यूएसए युद्ध में शामिल नहीं है, हमें इसमें भावनात्मक रूप से कूदने की जरूरत नहीं है। यह कोई धार्मिक युद्ध नहीं है। यह पावर, सिक्योरिटी और क्षेत्रीय प्रभाव का खेल है। इसे धर्म की लड़ाई समझना बहुत बड़ी गलती है। असल में यह जियो पॉलिटिक्स, मिलिट्री रणनीति और और वैश्विक गठबंधन का मामला है, जो आम लोगों की समझ से कहीं ज्यादा जटिल होता है’।

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