कुशीनगर:क्या PDA केवल छलावा है? — योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, जबकि अखिलेश यादव का मौन बना सवाल

कुशीनगर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 नवम्बर 2025 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल शाम कुशीनगर पहुँचकर देश के प्रख्यात बौद्ध धर्मगुरु परम पूज्य अग्ग महापंडित भदंत ज्ञानेश्वर महास्थवीर जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने महास्थवीर जी के समाज और धर्म के प्रति योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने बौद्ध दर्शन और मानवीय मूल्यों के प्रचार में अपना जीवन समर्पित कर दिया।

वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनका संगठन PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) मौन बना रहा। न तो किसी प्रकार की शोक संवेदना व्यक्त की गई और न ही सोशल मीडिया पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई।

राजनीतिक हलकों में इस चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि जो खुद को डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का अनुयायी बताते हैं, उन्होंने बौद्ध समाज के एक महान धर्मगुरु के निधन पर भी अपनी संवेदना प्रकट करना उचित नहीं समझा।

 राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मौन “सामाजिक न्याय” और “समभाव” की उस विचारधारा पर प्रश्नचिह्न लगाता है, जिसे PDA अपने राजनीतिक घोषणापत्र में सबसे आगे रखता है।राज्य के नागरिकों के बीच चर्चा है कि योगी आदित्यनाथ का यह कदम करुणा और धर्मनिरपेक्ष सम्मान का प्रतीक है, जबकि PDA का मौन उनकी कथनी और करनी के बीच का अंतर उजागर करता है। समय बताएगा कि जनता किसे “सच्चा अनुयायी” और “वास्तविक समभाव का प्रतीक” मानती है — लेकिन यह घटना निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए विमर्श को जन्म दे चुकी है।