जयपुर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 फरवरी 2026 राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले बोर्ड एवं लवकुश बोर्ड को भंग किए जाने के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इन्हें पुनः स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma को पत्र लिखकर सामाजिक एवं शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
अपने पत्र में गहलोत ने उल्लेख किया कि उनकी पूर्ववर्ती सरकार के दौरान राजस्थान में माली, सैनी, कुशवाह, मौर्य, शाक्य, पुष्प, धीवर सहित अन्य पिछड़ा वर्ग समाज की आर्थिक और शैक्षणिक उन्नति के उद्देश्य से इन बोर्डों का गठन किया गया था। इसके साथ ही सावित्रीबाई फुले के नाम पर प्रत्येक जिला मुख्यालय पर वाचनालय स्थापित करने तथा कन्या विद्यालयों का नामकरण उनके नाम से करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।
गहलोत ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा इन बोर्डों को बंद कर दिया गया है, जिससे संबंधित समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने बताया कि राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा द्वारा उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी भी दी गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि महात्मा ज्योतिबा फुले बोर्ड एवं लवकुश बोर्ड को पुनः स्थापित किया जाए तथा जिला स्तर पर सावित्रीबाई फुले वाचनालय एवं कन्या विद्यालयों को फिर से संचालित किया जाए, ताकि समाज के शैक्षणिक और सामाजिक विकास को गति मिल सके।
यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सामाजिक न्याय और पिछड़ा वर्ग कल्याण के प्रश्न को केंद्र में ले आया गया।
