केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार की देर शाम दो दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे। शनिवार को उन्होंने पार्टी कार्यालय में भाजपा के सांसदों, विधायकों, एमएलसी सहित अन्य वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। वहीं रविवार की सुबह वह पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर सहकारिता आंदोलन से जुड़े करीब सात हजार लोगों को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह सैकड़ों योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे। बापू सभागार में कार्यक्रम की समाप्ति के बाद केंद्रीय गृह मंत्री गोपालगंज जाएंगे। गोपालगंज से लौटने के बाद वह मुख्यमंत्री आवास में एनडीए के घटक दल के नेताओं के साथ बैठक कर बिहार विधानसभा चुनाव के संबंध में चर्चा करेंगे।
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शाह ने इस बैठक के दौरान बिहार सहित अगले साल कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की हिंदू-विरोधी और भ्रष्टाचारी सरकार से अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान वहां के नागरिकों को मुक्ति मिल जाएगी। बैठक के दौरान शाह ने कहा कि कांग्रेस की नब्ज उनके हाथों में है। कर्नाटक में हिंदुओं का विरोध किया जा रहा है, साथ ही वहां भ्रष्टाचार भी चरम पर है।
लोकसभा क्षेत्रों के पुनः परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर भी बैठक के दौरान अमित शाह ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन के दौरान दक्षिण भारत के राज्यों को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचेगा।