हरियाणा में बढ़ती हलचल — IPS आलोक मित्तल होंगे नए DGP?

हरियाणा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अक्टूबर 2025 पुलिस महकमे में एक बड़ा बदलाव संभव है। राज्य में IPS अधिकारी यूपी पूरन कुमार की आत्महत्या को लेकर उपजे विवाद और आरोपों के बाद सरकार को भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान वरिष्ठ IPS अधिकारी आलोक मित्तल (1993 बैच, हरियाणा कैडर) को नया कार्यवाहक DGP (अभिनियुक्त) बनाने की चर्चा तेज हो गई है। 

य. पूरन कुमार, हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी, 7 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ स्थित अपने घर में मृत पाए गए। प्रारंभिक रिपोर्टों में यह मामला आत्महत्या का बताया गया है। 

उन्होंने अपनी आत्महत्या से पहले एक 9 पृष्ठ की फाइनल नोट छोड़ी थी, जिसमें उन्होंने मानसिक उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और उच्च अधिकारियों के दबावों का जिक्र किया था। 

इस नोट में उन्होंने डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजारनिया सहित अन्य अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी पत्नी, आईएएस अमनीत पी. कुमार, ने मुख्यमंत्री से पत्र लिखा और FIR दर्ज करने की मांग की है। 

अब सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और मौजूदा DGP को अवकाश पर भेजने पर विचार कर रही है। 

आलोक मित्तल: योग्य विकल्प?

प्रोफ़ाइल और योग्यता आलोक मित्तल 1993 बैच के हरियाणा कैडर IPS अधिकारी हैं।  वर्तमान में उन्हें ADGP, Vigilance / Anti-Corruption Bureau और अन्य वरिष्ठ पदों पर तैनात किया गया है। 

हाल ही में, विभागीय प्रमोशन कमेटी (DPC) ने उन्हें और डॉ. अशिंद्रा सिंह चावला को DGP रैंक के लिए मंजूरी दी है। अब यह प्रस्ताव गृह सचिव और मुख्यमंत्री के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया है। 

सूत्रों की मानें तो अगर शत्रुजीत कपूर को अवकाश पर भेजा गया, तो आलोक मित्तल को कार्यवाहक DGP बनाने का प्रस्ताव है। 

चुनौतियाँ और दायित्व

पुलिस विभाग के भीतर विश्वास बहाली प्राथमिक चुनौती होगी।पूरन कुमार के आत्महत्या मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग है — इस पर आलोक मित्तल को नज़दीक से काम करना पड़ेगा। विभागीय पुनर्संरचना और मामलों की त्वरित कार्रवाई पर राज्य सरकार, आम जनता और मीडिया की निगाहें हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो कार्रवाई की गहनता विभाग की साख को तय करेगी।

अगले कदम और संभावनाएँ

1. शत्रुजीत कपूर को अवकाश पर भेजा जाना लगभग तय माना जा रहा है। 

2. आलोक मित्तल को कार्यवाहक DGP पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है, अगले कुछ दिनों में आधिकारिक आदेश जारी हो सकते हैं। 

3. राज्य सरकार द्वारा बड़े स्तर पर पुलिस विभाग में फेरबदल किया जाना लगभग तय दिख रहा है। 

4. पूरे मामले की एक उच्च स्तरीय, स्वतंत्र SIT (विशेष जांच दल) द्वारा जांच की संभावना बढ़ रही है। 

हरियाणा की राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार अतिशीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई करती है या नहीं। यदि आलोक मित्तल को वास्तविक DGP या कार्यवाहक DGP के रूप में तैनात किया जाता है, तो वे इस संवेदनशील समय में विभाग की छवि को सुधारने का अवसर पाएँगे — लेकिन इसके लिए उन्हें पारदर्शिता, जवाबदेही और शीघ्र कदमों की ज़रूरत होगी।