ग्रेटर नोएडा:शख्स के खाते में अचानक आए 1 अरब 13 लाख 55 हजार करोड़ रुपए, बैंक और पुलिस में मचा हड़कंप!

ग्रेटर नोएडा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 अगस्त 2025 ग्रेटर नोएडा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आम व्यक्ति के खाते में अचानक 1,13,55,00,00,00,00,000 रुपए ट्रांसफर हो गए। यानी कुल 36 अंकों (डिजिट) की यह धनराशि देखकर न सिर्फ खाता धारक बल्कि बैंक कर्मचारी और साइबर एक्सपर्ट भी स्तब्ध रह गए। यह राशि भारत के कुल बजट से भी कई गुना अधिक है!

★मामला क्या है?

जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के एक निवासी ने जब अपने बैंक अकाउंट की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। खाते में मौजूद राशि कुछ हजार या लाख नहीं, बल्कि अरबों-खरबों में थी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित बैंक शाखा को दी। जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य तकनीकी गड़बड़ी नहीं बल्कि एक संभावित साइबर या सॉफ्टवेयर ग्लिच हो सकता है।

★बैंक ने शुरू की जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों और आईटी विभाग को अलर्ट कर दिया। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि यह रकम वास्तविक नहीं है, बल्कि डेटा बेस में हुई असामान्य गड़बड़ी के कारण खाता धारक को यह फर्जी बैलेंस दिखाई दे रहा था। बैंक अधिकारियों ने खाताधारक को आश्वस्त किया कि उसकी ओर से कोई वित्तीय खतरा नहीं है, लेकिन पूरे मामले की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

★साइबर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला या तो बैंकिंग सॉफ्टवेयर में बग का नतीजा हो सकता है या फिर किसी साइबर हमले (Cyber Attack) की आशंका को भी नकारा नहीं जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की फर्जी एंट्री से किसी को भी अस्थायी रूप से करोड़पति या अरबपति दिखाया जा सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

★पुलिस भी अलर्ट

इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम यूनिट को भी मामले की जानकारी दी गई है। फिलहाल, यह मामला साइबर निगरानी में है और यह देखा जा रहा है कि कहीं यह किसी बड़ी धोखाधड़ी या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं।

★निष्कर्ष

ग्रेटर नोएडा में सामने आई यह अजीबोगरीब घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि डिजिटल बैंकिंग के दौर में साइबर सुरक्षा कितनी अहम हो गई है। भले ही यह राशि असल में ट्रांसफर नहीं हुई हो, लेकिन यह तकनीकी खामियों और डेटा सिस्टम की कमजोरियों की ओर गंभीर संकेत देता है।

(नोट: यह खबर पूरी तरह से बैंक व प्रशासन द्वारा जांचाधीन है। खाता धारक की पहचान गोपनीय रखी गई है।)