त्रिनिदाद में ‘सोहरी’ पत्ते पर भोजन: पीएम मोदी के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक।

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 जुलाई 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के त्रिनिदाद एवं टोबैगो दौरे के दौरान एक विशेष सांस्कृतिक क्षण देखने को मिला, जब मेज़बान प्रधानमंत्री कमला पसाद-बिसेसर द्वारा आयोजित रात्रि भोज में पारंपरिक भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। इस भोज में मेहमानों को ‘सोहरी’ पत्ते पर भोजन परोसा गया, जो वहां की भारतीय मूल की जनता के लिए विशेष सांस्कृतिक महत्व रखता है।

क्या है सोहरी पत्ता?

सोहरी एक पारंपरिक पत्ता है, जिसका उपयोग त्रिनिदाद एवं टोबैगो के कई हिंदू और भारतीय मूल के परिवारों में विशेष अवसरों, त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान भोजन परोसने के लिए किया जाता है। यह न केवल प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है, बल्कि भारतीय विरासत और सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत-त्रिनिदाद संबंधों को मिला नया आयाम

प्रधानमंत्री मोदी ने इस आत्मीय स्वागत और सांस्कृतिक समर्पण के लिए प्रधानमंत्री बिसेसर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह भोज केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि दो देशों के बीच साझा इतिहास, मूल्यों और परंपराओं की गहराई को दर्शाता है। मोदी ने यह भी कहा कि त्रिनिदाद एवं टोबैगो में भारतीय मूल के लोगों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जिस तरह संजो कर रखा है, वह सराहनीय है और दोनों देशों को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है।

राजनीति से आगे, सांस्कृतिक संवाद की पहल

यह रात्रिभोज दोनों नेताओं के बीच राजनयिक चर्चा के साथ-साथ सांस्कृतिक संवाद का भी अवसर बना। ‘सोहरी’ पत्ते पर परोसा गया भोजन एक प्रतीक बन गया — पारंपरिक विरासत को आधुनिक कूटनीति में शामिल करने का। यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय संबंध केवल राजनैतिक समझौतों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और ऐतिहासिक मूल्यों से भी गहरे रूप में जुड़ते हैं।