एटा:हर साल बाढ़ की मार झेल रहा एटा-कासगंज क्षेत्र, सांसद ने नियम 377 के तहत उठाई आवाज।

एटा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 अगस्त 2025 उत्तर प्रदेश के एटा-कासगंज संसदीय क्षेत्र में हर साल बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। सैकड़ों गांव जलभराव और तबाही का सामना करते हैं, लेकिन राहत के लिए कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाए गए। समाजवादी पार्टी के सांसद देवेश कुमार देवेश शाक्य (विभाजन संख्या-408) ने लोकसभा में नियम 377 के तहत इस गंभीर मुद्दे को एक बार फिर उठाया और सरकार से स्थायी समाधान की मांग की।

★सांसद ने रखी बड़ी मांग

देवेश शाक्य ने कहा कि बीते वर्ष भी उन्होंने बाढ़ की समस्या को नियम 377 के तहत रखा था, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी सिंचाई विभाग एवं जलशक्ति विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इस वर्ष भी एटा-कासगंज क्षेत्र के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आकर तबाही झेल रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि –

हन्सीनगला से राजेपुर कुरी तक और

रामताल हिम्मतनगर से बझेरा तक पक्का बांध (स्थायी तटबंध) बनाया जाए।

साथ ही लहरा से बदायूं तक पुल का निर्माण कराया जाए, जिससे हर साल आने वाली बाढ़ से राहत मिल सके।

★कच्चे बांधों पर करोड़ों का खर्च, फिर भी बेअसर

सांसद ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर केवल कच्चे बांध बनाए जाते हैं। ये बांध बरसात के मौसम में टूट जाते हैं और किसानों को दोबारा नुकसान झेलना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि यही धनराशि पक्के बांधों पर खर्च की जाए तो किसानों को स्थायी राहत मिल सकती है और फसलों, घरों तथा सैकड़ों गांवों को बाढ़ की तबाही से बचाया जा सकता है।

★किसानों और ग्रामीणों की पीड़ा

एटा-कासगंज क्षेत्र गंगा और उसकी सहायक नदियों से घिरा हुआ है। हर वर्ष मानसून के समय जब नदियों में उफान आता है तो नदी किनारे बसे गांवों में जलभराव हो जाता है। न केवल किसानों की फसलें नष्ट हो जाती हैं बल्कि पशुधन, घर और सड़कों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसों से बाढ़ राहत और कच्चे बांधों पर करोड़ों रुपये खर्च होते आ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान कभी नहीं हुआ।

★सरकार की ओर देख रही जनता

सांसद देवेश शाक्य ने दोहराया कि अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों का जीवन और कठिन हो जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि स्थायी पक्के बांध और पुल का निर्माण प्राथमिकता पर कराया जाए ताकि हर साल बाढ़ से होने वाली बर्बादी को रोका जा सके।