गौतम बुद्ध नगर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 05 अगस्त 2025 नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेघा रूपम ने आज परियोजना स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण से जुड़ी एजेंसियों, परियोजना प्रबंधन इकाई और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर वर्तमान प्रगति रिपोर्ट की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एयरपोर्ट के रनवे, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर (ATC), कार्गो टर्मिनल, और एयरसाइड रोड नेटवर्क जैसे प्रमुख हिस्सों के निर्माण की वास्तविक स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद मशीनरी, कार्यबल और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।
प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा:
बैठक में अधिकारियों द्वारा अब तक की गई प्रगति से अवगत कराया गया। जानकारी के अनुसार:
रनवे का 60% कार्य पूर्ण हो चुका है।
टर्मिनल भवन का स्ट्रक्चर तैयार हो रहा है और जल्द ही फिनिशिंग कार्य शुरू होने वाला है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश:
जिलाधिकारी मेघा रूपम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है, और इसके निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण कंपनी और संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि:
कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए दैनिक मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए।
मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन और श्रमिकों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
पर्यावरणीय नियमों और स्थानीय जनसंख्या के हितों का ध्यान रखते हुए कार्य निष्पादित किया जाए।
प्रशासन की प्रतिबद्धता:
डीएम मेघा रूपम ने कहा कि जिला प्रशासन इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर देख रहा है। निर्माण में किसी प्रकार की बाधा आने पर संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रशासन हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है, ताकि एयरपोर्ट का कार्य निर्धारित समय पर पूरा हो सके।
पृष्ठभूमि:
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर, भारत का पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है जो पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बन रहा है। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है और इसके संचालन की जिम्मेदारी स्विस कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG के पास है। एयरपोर्ट के पहले चरण का कार्य 2025 के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
