दिल्ली हाई कोर्ट के एक और जज को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पहले जज यशवंत वर्मा के घर से नकदी मिलने, उसकी जांच और इलाहाबाद हाई कोर्ट तबादले की वजह से विवाद हुआ था। अब सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम के उस फैसले पर सवाल उठाया गया है जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के जज दिनेश कुमार शर्मा को कलकत्ता हाई कोर्ट भेजने पर मुहर लगाई गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, बार लाइब्रेरी ने जज दिनेश शर्मा को कलकत्ता हाई कोर्ट भेजने के फैसले पर नए सिरे से विचार करने और उनका नाम वापस लेने की मांग की है। कलकत्ता हाई कोर्ट के वकील संगठन सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम के इस निर्णय से असहमत है।
एसोसिएशन ने दूसरे हाई कोर्ट के जजों को उनके प्रदर्शन के आधार पर आंक कर कलकत्ता हाई कोर्ट भेजने की गुहार लगाई है। इसी तरह, इलाहाबाद हाई कोर्ट के बार एसोसिएशन ने यशवंत वर्मा का तबादला दिल्ली से इलाहाबाद किए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि हम कोई कूड़ेदान नहीं हैं।
वकीलों के एक समूह ने स्थानांतरण निर्णय पर आपत्ति जताते हुए मंगलवार को अपराह्न 3:30 बजे तक मुकदमे की सुनवाई में भाग नहीं लिया। हालांकि, मामलों की सुनवाई के दौरान कुछ वकील मौजूद भी दिखे। कलकत्ता हाई कोर्ट के बार एसोसिएशन ने कुछ पुराने मामलों की मिसालें भी पेश की हैं, जहां रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके जजों को कलकत्ता हाई कोर्ट भेजा गया।
दिल्ली हाई कोर्ट के जज का कोलकाता हुआ तबादला, विरोध में उतरे वकील
