क्रिकेट कोकीन और शराब नशे में उतरा क्रिकेटर, मचाया धमाल, फिर हुआ बैन सोबर्स और गिब्स भी नशे में ठोक चुके शतक ?

34 साल के डग ब्रैसवेल को कोकीन के सेवन का दोषी पाया गया है. उन्हें इस गलती की सजा भी दी गई और न्यूजीलैंड क्रिकेट ने उन पर एक महीने का बैन लगाया. यह मामला इस साल जनवरी का है, जिसे, न्यूजीलैंड के ‘स्पोर्ट इंटीग्रिटी कमीशन’ ने अब सार्वजनिक किया है. उन पर यह प्रतिबंध अप्रैल में लगाया गया, जो अब हट भी चुका है. बता दें कि डग ब्रैसवेल ने जनवरी में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट और वेलिंगटन के बीच घरेलू टी20 मैच नशे में खेला था. मैच के बाद जांच में उन्हें पॉजिटिव पाया गया. ब्रैसवेल ने इस मैच में 2 विकेट झटके थे और 11 गेंद में 30 रन की पारी खेली थी. इसके चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया था.

डग ब्रैसवेल ने न्यूजीलैंड के लिए कुल 69 मैच खेले, जिनमें 28 टेस्ट शामिल हैं. उन्होंने 28 टेस्ट मैच में 74 विकेट लिए और 568 रन भी बनाए. डग ब्रेसवेल ने 21 वनडे मैच खेले और 26 विकेट लेने के साथ-साथ 221 रन भी बनाए. इसी तरह 20 टी20 इंटरनेशनल मैच में उनके नाम 20 विकेट हैं.

वर्ल्ड क्रिकेट में जब भी महान आलराउंडर का नाम लेने को कहा जाता है तो सर गैरी सोबर्स (दाएं) का नाम पहले लिया जाता है. मैदान पर दूसरों के छक्के छुड़ाने वाले सोबर्स ने खुद कभी अनुशासन में बंधना पसंद नहीं किया. कई बार वे देर रात तक शराब पीते रहे और सुबह नशे में मैदान पर उतरे. उन्होंने कई शतक नशे में ही बनाए.

दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स के नाम भी मैच फिक्सिंग से लेकर शराब पीकर खेलने जैसे कई काले कारनामे दर्ज हैं. गिब्स ने अपनी आत्मकथा ‘टू द पॉइंट’ में खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने कई बार मैच से कुछ घंटे पहले शराब पी और फिर मैदान पर उतरे. गिब्स को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस शतक (175 रन) के लिए याद किया जाता है, जिसकी बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने 435 रन का रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल कर लिया था. गिब्स ने बाद में माना कि उन्होंने 175 रन की यह पारी हैंगओवर में खेली थी.

ऑस्ट्रेलिया के एंड्रयू साइमंड्स​ को उनकी बेहतरीन क्रिकेट के साथ-साथ विवादों के लिए भी जाना जाता है. अकेलेदम मैच पलटने वाला यह ऑलराउंडर अक्सर अनुशासनहीनता के चलते सीनियर्स से डांट खाता और कई बार प्लेइंग इलेवन से बाहर भी हुआ. उन्हें शराब की भी बुरी लत थी. साइमंड्स ने खुद कई बार माना कि वे रातभर पार्टी करने के बाद सुबह मैच खेलने उतरे थे.

1990 के दशक में धूमकेतु की तरह चमके विनोद कांबली ने जितनी जल्दी आसमान छुआ, उतनी ही जल्दी गर्दिशों में भी चले गए. लगातार दो दोहरे शतक बनाने वाला यह बैटर कामयाबी हजम नहीं कर पाया. शानोशौकत में डूबा यह खिलाड़ी जल्दी ही नशे की लत का शिकार हो गया और जल्दी ही उनका करियर भी थम गया. कांबली ने बाद में माना कि उन्हें शराब की लत थी. वे अक्सर रात-रात भर पार्टी करते थे.