चंडीगढ़:(द दस्तक 24 न्यूज़) 12 अक्टूबर 2025 हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पुरन कुमार के निधन ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना पर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने आज चंडीगढ़ में दिवंगत अधिकारी के परिजनों से मुलाकात की और इसे “व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि एक गंभीर संस्थानिक हत्या” करार दिया।
चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि — “यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक षड़यंत्र का परिणाम है। एक ईमानदार अधिकारी को झूठे आरोपों में फँसाकर बदनाम किया गया। उनके साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, फर्जी गवाह तैयार किए गए, ताकि सत्य की आवाज़ को दबाया जा सके। अंततः उन्हें अपने सम्मान की रक्षा के लिए बलिदान देने को मजबूर होना पड़ा — जैसा कि उनके सुसाइड नोट में दर्ज है।”
भीम आर्मी प्रमुख ने बताया कि दिवंगत अधिकारी ने अपने कार्यकाल में प्रशासनिक पारदर्शिता और प्रतिनिधित्व के मुद्दों को गंभीरता से उठाया था, जो कुछ लोगों को नागवार गुज़रा। उन्होंने कहा कि बिना उचित जाँच या प्रक्रिया के उन्हें आरोपित करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि पूरे सिस्टम के नैतिक ढाँचे पर सवाल खड़े करता है।
सबसे पीड़ादायक बात बताते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा —“उनके निधन के बाद प्रशासन द्वारा बिना पत्नी अमनीत (जो स्वयं हरियाणा कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं) की सहमति के ज़बरदस्ती पोस्टमार्टम करवाया गया। यह संवेदनहीन और अमानवीय व्यवहार है। परिवार की भावनाओं की पूरी तरह अवहेलना की गई।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि “सिस्टम में सत्य बोलने वाले हर अधिकारी के सम्मान और सुरक्षा का सवाल” है।
चंद्रशेखर आजाद ने हरियाणा के मुख्यमंत्री @cmohry से इस पूरे प्रकरण की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी न्यायिक जाँच की माँग की है।
उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक अधिकारी की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि उस पूरे प्रशासनिक ढाँचे की साख की परीक्षा है जो न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए बना है।
