प्याज की उन्नत खेती, कैसी हो जलवायु एवं भूमि

प्याज की फसल के लिए ऐसी जलवायु की अवश्यकता होती है जो ना बहुत गर्म हो और ना ही ठण्डी। अच्छे कन्द बनने के लिए बड़े दिन तथा कुछ अधिक तापमान होना अच्छा रहता है। आमतौर पर सभी किस्म की भूमि में इसकी खेती की जाती है, लेकिन उपजाऊ दोमट मिट्ïटी, जिसमे जीवांश खाद प्रचुर मात्रा में हो व जल निकास की उत्तम व्यवस्था हो, सर्वोत्तम रहती है। भूमि अधिक क्षारीय व अधिक अम्लीय नहीं होनी चाहिए अन्यथा कन्दों की वृद्धि अच्छी नहीं हो पाती है। अगर भूमि में गंधक…

रेशमकीट का पालन

भारत का रेशम उत्पादन धीरे-धीरे बढ़कर जापान और पूर्व सोवियत संघ देशों से ज्यादा हो गया है, जो कभी प्रमुख रेशम उत्पादक हुआ करते थे। भारत इस समय विश्व में चीन के बाद कच्चे सिल्क का दूसरा प्रमुख उत्पादक है। वर्ष 2014-15 में इसका 19,690 टन उत्पादन हुआ था, जो वैश्विक उत्पादन का 15.5 फीसदी है। भारत रेशम का सबसे बड़ा उपभोक्ता होने के साथ-साथ पांच किस्मों के रेशम-मलबरी, टसर, ओक टसर, एरि और मुगा सिल्क का उत्पादन करने वाला अकेला देश है और यह चीन से बड़ी मात्रा में…

अणु और परमाणु

अणु पदार्थ का वह छोटा कण है जो प्रकृति में स्वतंत्र अवस्था में पाया जाता है लेकिन रासायनिक प्रतिक्रिया में भाग नहीं ले सकता है। रसायन विज्ञान में अणु दो या दो से अधिक, एक ही प्रकार या अलग अलग प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बना होता है। परमाणु मजबूत रसायनिक बंधन के कारण आपस में जुड़े रहते हैं और अणु का निर्माण करते हैं। अणु की संकल्पना ठोस, द्रव और गैस के लिये अलग अलग हो सकती है। अणु पदार्थ के सबसे छोटे भाग को कहते हैं। यह कथन…

प्राचीनकाल का मानव समुद्री सीप से हथियार बनाने में सक्षम

प्राचीनकाल की मानव सभ्यताओं की खोज करने वाले अमेरिकी भू—अन्वेषण के वैज्ञानिको ने इस बात का दावा करते हुए खुलासा किया है कि प्राचीन समय में मानव आखेट के लिए पत्थरों से बने हथियारों के साथ-साथ समुद्री सीपों की मदद से बनाए गए औजारों का भी इस्तेमाल करता था।हाल ही में किए गए एक नए शोध के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने निएंडरथल जो कि प्राचीन मानव की एक प्रजाति के निवास स्थलों पर मिली सीपों के विश्लेषण के आधार पर इस बात का दावा किया गया है कि प्राचीन मानव…

5जी के लॉन्च से आपको होंगे यह फायदे, बदल रही है दुनिया

मोबाइल फोन के इतिहास में कभी भी नई तकनीक के बारे में इतना प्रचार नहीं किया गया, जितना 5G टेक्नोलॉजी का हो रहा है। मोबाइल फोन ऑपरेटर, हैंडसेट निर्माता और उपकरण विक्रेता इस ग्राउंड ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे पहले कुछ बड़ा हासिल करने का दावा करने के लिए बेकरार हैं। मगर, इसके साथ ही कई चीजें दांव पर लगी हैं। मोबाइल उद्योग को भी 5G की सख्त जरूरत है। इसके जरिए वह नए राजस्व स्रोतों, बाजार में हिस्सेदारी या विकास को बढ़ावा देना चाहता है। बताते चलें कि…

सेहत है आपके लिए ज़रूरी या 5G का तेज़ नेटवर्क ?

5G वायरलेस तकनीक धीरे-धीरे दुनिया भर में अपना रास्ता बना रही है, कई सरकारी एजेंसियां और संगठन सलाह देते हैं कि हमारे स्वास्थ्य पर रेडियोफ्रीक्वेंसी तरंगों के प्रभाव के बारे में चिंतित होने का कोई कारण नहीं है। लेकिन कुछ विशेषज्ञ दृढ़ता से असहमत हैं। 5G शब्द मोबाइल प्रौद्योगिकी की पांचवीं पीढ़ी को संदर्भित करता है। तेजी से ब्राउज़िंग, स्ट्रीमिंग, और डाउनलोड गति, साथ ही बेहतर कनेक्टिविटी के वादों के साथ, 5 जी हमारे तेजी से तकनीक-निर्भर समाज के लिए एक प्राकृतिक विकास की तरह लग सकता है। लेकिन हमें नवीनतम…

नीला घेरा ‘मेटा ए आई’ आखिर क्या है आइये जानते हैं

आजमगढ़: आखिर क्या है यह नीला गोला व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आजकल एक नीला गोला (घेरा) दिखाई दे रहा है। ज्यादातर मोबाइल यूजर्स समझ नहीं पा रहे हैं कि यह क्या है और इसे हटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन यह हट भी नहीं रहा है! दरअसल, यह नीला घेरा मेटा द्वारा लॉन्च किए गए स्मार्ट असिस्टेंट मेटा एआई को दर्शा रहा है। इस एआई असिस्टेंट का इस्तेमाल भारत में यूजर्स मुफ्त में कर सकते हैं और यह अब देश में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है। मेटा एआई…

5जी क्या है?

जानते हैं कि ये 5जी, 4जी से कैसे अलग है और ये नेटवर्क क्या कर सकता है.मोबाइल फोन में 3जी नेटवर्क के साथ इंटरनेट ब्राउजिंग की शुरुआत हुई. मोबाइल पर वेबसाइट्स खोली जाने लगीं, मैप भी दिखने लगा. SMS से भरी 2जी नेटवर्क की दुनिया धीरे धीरे खत्म होने लगी. नई और हाई स्पीड प्रोसेसिंग चिप के विकास, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और वायरलेस नेटवर्क के विस्तार के साथ फोर्थ जेनेरेशन या 4जी नेटवर्क आया. यह तकनीकी छलांग थी. स्मार्टफोन और टैबलेट्स में बिना किसी तार के हाई स्पीड डाटा आने…

मधुमक्खी में पाए जाने वाले विष से होगा कैंसर का उपचार

कैंसर के कारण दुनिया में लाखों लोग मृत्यु का शिकार हो जाते हैं. इस रोग को लेकर बहुत ज्यादा समय से अध्ययन चल रहा है, लेकिन आजतक इसकी कोई अच्छा दवा नहीं बनी. हाल में एक अध्ययन में पता चला है कि मधुमक्खी में पाए जाने वाले विष से स्तन कैंसर का उपचार होने कि सम्भावना है. इस शोध के मुताबिक मधुमक्खी का विष स्तन कैंसर की कोशिकाओं को कम समय में समाप्त कर देता है व शरीर के अन्य स्वस्थ कोशिकाओं को बहुत कम नुकसान पहुंचाता है. इस शोध…

जीवाश्म के पृथक्करण की विधि

शैल आधार से जीवाश्म निकालने की विधि एक प्रकार की कला है। इस वषय में कोई पक्के नियम नहीं बतलाए जा सकते, क्योंकि भिन्न भिन्न प्रकार की समस्याएँ सामने आती हैं। किस विधि से और कैसे जीवाश्म को प्रस्तर से अलग किया जा सकता है, इसको एक अनुभवी जीवाश्म विज्ञानी जीवाश्म को देखकर समझ लेता है। जिन शैल आधारों में जीवाश्म खचित रहते हैं वे मृदु मृदा से लेकर सघन शैल तक होते हैं, जिनकी कठोरता इस्पात के बराबर हो सकती है। जीवाश्म की कठोरता की सीमा में इतना अधिक…

गुंडा निकला ये तोता, डॉक्टर से की ऐसी हरकत कि मालिक पहुंच गया जेल

ताइवान में एक शख्स के पालतू तोते ने डॉक्टर के साथ ऐसी हरकत कर दी कि उस शख्स को अब दो महीने जेल की सजा काटनी पड़ेगी. इतना ही नहीं तोते की साल 2020 में की गई इस हरकत के कारण उसके मालिक को अब 74 लाख रुपये का जुर्माना भी भुगतना होगा. दरअसल तोते के अचानक डरा देने के कारण डॉक्टर फिसलकर गिर गए थे और उनकी कई हड्डी टूट गई थीं. इसके चलते उन्हें करीब एक साल तक बिस्तर पर रहना पड़ा था. इसी कारण उन्होंने तोते के…

तरबूज की खेती शुरू करने के लिए यह सही समय

तरबूज की खेती शुरू करने के लिए यह सही समय है। किसान तरावट देने वाले तरबूज की खेती से अच्छी कमाई कर सकते हैं। गर्मियों में इसकी मांग भी ज्यादा रहती है जिससे किसान बढिय़ा मुनाफा कमा सकता है। भूमि एवं जलवायु तरबूज की खेती कई तरह की मिट्ïटी में की जाती है, लेकिन बलुई दोमट मिट्ïटी इसकी खेती के लिए उपयुक्त रहती है। खेत तैयार करने के लिए पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से और बाद की जुताई देशी हल या कल्टीवेटर से करते हैं। खेत को समतल…

शरीर रचना विज्ञान

शारीरिकी, शारीर या शरीररचना-विज्ञान जीव विज्ञान और आयुर्विज्ञान की एक शाखा है जिसके अंतर्गत किसी जीवित (चल या अचल) वस्तु का विच्छेदन कर, उसके अंग प्रत्यंग की रचना का अध्ययन किया जाता है। अचल में वनस्पतिजगत तथा चल में प्राणीजगत का समावेश होता है और वनस्पति और प्राणी के संदर्भ में इसे क्रमश: पादप शारीरिकी और जीव शारीरिकी कहा जाता है। जब किसी विशेष प्राणी अथवा वनस्पति की शरीररचना का अध्ययन किया जाता है, तब इसे विशेष शारीरिकी (अंग्रेजी:Special Anatomy) अध्ययन कहते हैं। जब किसी प्राणी या वनस्पति की शरीररचना…