मुजफ्फरनगर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 12 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था की साख को झटका देने वाले मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मुजफ्फरनगर जिले के जानसठ के उपजिलाधिकारी (SDM) एवं PCS अधिकारी जयेंद्र सिंह को गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक IAS एम. देवराज ने आदेश जारी किए, जिसके अनुसार उन्हें निलंबन के साथ ही राजस्व परिषद में अटैच किया गया है।
आरोप: करोड़ों की सरकारी भूमि निजी संस्था को दी
जांच रिपोर्ट के अनुसार SDM जयेंद्र सिंह पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी भूमि को गलत तरीके से सक्रमणीय घोषित कर निजी संस्था को आवंटित कर दिया। यह भूमि लगभग 743–750 बीघा बताई जा रही है। नेशनल हाईवे पर स्थित इस जमीन की कीमत अरबों रुपये आंकी जा रही है। आरोप है कि SDM ने ₹3 करोड़ की रिश्वत लेकर जमीन डेरावाल को-ऑपरेटिव सोसाइटी के नाम कर दी।
जांच और आगे की कार्रवाई
मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी (कलेक्टर) IAS उमेश मिश्रा की विस्तृत रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई है। सरकार ने कमिश्नर बरेली, IAS सौम्या अग्रवाल को इस मामले की जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उनके नेतृत्व में अब विभागीय जांच होगी और जिम्मेदारियों को तय किया जाएगा। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट होगा कि इस घोटाले में और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे।
सरकार का रुख
सरकार ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति की हेराफेरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबन के साथ विभागीय जांच आदेश यह संकेत है कि दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई तय है।
निष्कर्ष
जानसठ SDM जयेंद्र सिंह का निलंबन प्रशासनिक तंत्र में सख्ती और जवाबदेही का उदाहरण है। अरबों की सरकारी भूमि को गलत तरीके से निजी हाथों में देने का यह मामला केवल भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि जनहित से खिलवाड़ का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है। अब सबकी नजरें कमिश्नर बरेली द्वारा होने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी।
