बहराइच:प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद ने उठाई आवाज: अपहृत युवकों पर हुए हमले की सीबीआई जांच व NSA लगाने की मांग

बहराइच:(द दस्तक 24 न्यूज़) 31 जुलाई 2025 प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद ने थाना रामगांव क्षेत्र के अंतर्गत हुए चंदन मौर्य उर्फ शिवम (निवासी खालेबाग मिर्जापुर) व मोहित मौर्य उर्फ विकास (निवासी आढ़ीपुर दशरथपुर) के अपहरण और जानलेवा हमले के मामले में सख्त कार्यवाही की मांग उठाई है। परिषद ने इसे हिंदू युवाओं के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया है और मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने, दोषियों पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) लगाने और अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को तत्काल हटाने की मांग की है।

घटना का विवरण

मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 23 जुलाई 2025 को दोपहर लगभग 1:30 बजे चंदन व मोहित अपने दो मित्रों के साथ बरुआ घाट पुल पर जन्मदिन की पार्टी मना रहे थे। इसी दौरान शहबुद्दीन, जीशान, अनस सहित 15 अन्य लोग बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिज़ायर गाड़ी से पहुंचे और चंदन की गाड़ी को रोक कर दोनों युवकों को मारने-पीटने लगे। आरोप है कि हमलावरों ने असलहा दिखाकर जबरन उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाया और उनका अपहरण कर जानलेवा हमला किया।

लव जिहाद से जुड़ा गैंग होने का आरोप

प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, आरोपी “लवट्रैक” (लव जिहाद) नामक गिरोह से जुड़े हुए हैं, जो सोशल मीडिया पर फर्जी हिंदू नामों से आईडी बनाकर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं। परिषद ने आरोप लगाया है कि इन अभियुक्तों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर “फिलिपींस जिंदाबाद” और “इस्लाम जिंदाबाद” जैसे कट्टरपंथी नारे भी पाए गए हैं।

संपत्ति और आपराधिक इतिहास पर सवाल

परिषद ने यह भी दावा किया है कि सभी अभियुक्तों की उम्र लगभग 23 वर्ष होने के बावजूद उनके पास अरबों की अवैध संपत्ति, महंगी लग्ज़री गाड़ियाँ और विदेशी संपर्क हैं। अभियुक्त अनस पूर्व में भी 9 मई 2025 को थाना हुजूरपुर क्षेत्र में एक हिंदू लड़की के धर्मांतरण के प्रयास में संलिप्त पाया गया था।

प्रशासन पर गंभीर आरोप

प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद ने आरोप लगाया कि अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और मीडिया के सामने भ्रामक बयानबाज़ी कर रहे हैं। परिषद ने मांग की है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए ताकि निष्पक्ष जांच संभव हो सके।

परिषद की मांगें

1. घटना की निष्पक्ष जांच किसी केंद्रीय एजेंसी (जैसे CBI या NIA) से कराई जाए।

2. सभी आरोपियों के विरुद्ध एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जाए।

3. अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।

4. सभी अभियुक्तों की आय और संपत्ति की गहन जांच ED व आयकर विभाग जैसी एजेंसियों द्वारा कराई जाए।

निष्कर्ष

प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती और पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। परिषद के अनुसार यह केवल दो युवकों पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समाज और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला है।