क्या यूपी में अलग होने जा रही अखिलेश-कांग्रेस की राह?

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के एक बयान ने प्रदेश के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। एक तरफ बिहार विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े होने लगे हैं। दरअसल, बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने से एक दिन पहले तक गठबंधन का स्वरूप तय नहीं हो पाया था। भले ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को सिंबल बांट दिए थे, लेकिन कौन चुनावी मैदान में उतर रहा है, यह फाइनल नहीं हो पाया। इस वजह से प्रदेश में 11 सीटें ऐसी रही, जहां राजद एवं वामपंथी दलों के उम्मीदवार के सामने कांग्रेस के प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। बाद में कांग्रेस की ओर से इसे फ्रेंडली फाइट नाम दिया गया, लेकिन इन तमाम सीटों पर इसका फायदा कांग्रेस या महागठबंधन की जगह एनडीए उम्मीदवारों को मिला। इसके बाद कांग्रेस में राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठे तो बवाल मच गया।

बिहार चुनाव के रिजल्ट के बाद यूपी की विपक्षी राजनीति में सबकुछ ठीक नहीं दिख रहा है। दरअसल, अभी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी हैं। अब यह मांग उठने लगी है कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव विपक्ष को लीड करें। विपक्षी दलों का दावा है कि हिंदी पट्‌टी के बड़े राज्यों में कांग्रेस की भूमिका पर विचार होना चाहिए। दरअसल, बिहार चुनाव में कांग्रेस-राजद सीट शेयरिंग में आखिरी समय तक उलझे रहे थे। इससे लोग तय ही नहीं कर पाए कि आखिर उनके यहां विपक्ष का चेहरा कौन है? यूपी चुनाव 2017 में सपा-कांग्रेस गठबंधन चुनावी मैदान में उतरी थी तो भी सीटों पर तकरार सामने आई थी। करीब दो दर्जन सीटों पर सपा-कांग्रेस उम्मीदवार फ्रेंडली फाइट में थे। अब यूपी चुनाव की तैयारी के बीच कांग्रेस-सपा के बीच की दूरी साफ तौर पर दिखने लगी है। दोनों दलों में आगे निकलने की होड़ दिख रही है।

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। इमरान मसूद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को लीड करने के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का विकल्प कोई और नहीं हो सकता है। उनसे किसी की तुलना नहीं की जा सकती है। अखिलेश यादव को उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी पर फोकस करने की नसीहत दे दी है। कांग्रेस सांसद के बयान के बाद से प्रदेश की राजनीति में गरमाहट आती दिख रही है। समाजवादी पार्टी के नेताओं के तेवर गरम हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले पर कोई खुलकर सामने नहीं आया है। कांग्रेस की ओर से भी इमरान मसूद के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में इसे राजनीतिक जानकार पार्टी का पक्ष ही मान रहे हैं।