भारतीय टीम 2027 ODI वर्ल्ड कप के लिए तैयारी शुरू कर चुकी है. इस उम्मीद में लगातार नए-नए खिलाड़ियों का डेब्यू करवाया जा रहा है कि वर्ल्ड कप से पहले एक बेस्ट कॉम्बिनेशन तैयार किया जा सके. यहां तक कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के वर्ल्ड कप में खेलने पर भी सवालिया निशान लगे हुए हैं.
टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स के प्लान को देखते हुए साफ है कि अगले साल वर्ल्ड कप में टीम इंडिया शुभमन गिल की कप्तानी में खेलेगी. खासतौर पर गेंदबाजी में सीनियर खिलाड़ियों को बाहर कर नए-नए प्रयोग किए गए हैं. विशेष रूप से गेंदबाजी में कहा नहीं जा सकता कि वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन में किसकी जगह पक्की है और किसकी नहीं.
अगले साल वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा और विराट कोहली का खेलना भारतीय टीम के लिए फायदेमंद ही है. 2 ऐसे खिलाड़ी टीम में हों, जो तीन या उससे भी ज्यादा वर्ल्ड कप खेल चुके हों. वहीं उनकी हालिया फॉर्म को देखते हुए सेलेक्टर्स शायद ही ROKO को वर्ल्ड कप से बाहर करने के बारे में सोचेंगे. उन दोनों के अलावा कप्तान शुभमन गिल की जगह भी पक्की है.
शुभमन, रोहित और विराट के बाद श्रेयस अय्यर का स्थान भी लगभग पक्का ही लगता है, क्योंकि उन्हें हटा दिया गया तो नंबर-4 के लिए बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी. वैसे भी नंबर-4 पर अय्यर ने अच्छा प्रदर्शन करके दिखाया है. वहीं नंबर-5 केएल राहुल का होगा और वे वनडे टीम में विकेटकीपर की पहली चॉइस भी हैं. वहीं गेंदबाजी में सिर्फ जसप्रीत बुमराह का नाम ही पक्का प्रतीत होता है. बुमराह अगर फिट रहे तो वर्ल्ड कप में गेंदबाजी अटैक को लीड कर रहे होंगे.
हार्दिक पांड्या बेशक टीम के मुख्य तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं, लेकिन वे लगातार चोटों से जूझते रहे हैं. वे वर्ल्ड कप के लिए फिट रहे तो ही खेल पाएंगे. स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंड डिपार्टमेंट में हाल ही में नए विकल्प तलाशे गए हैं, जिनमें से हर्ष दुबे और सारांश जैन भी शामिल हैं. हर्षित राणा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा के रूप में तेज गेंदबाजी के कई सारे विकल्प हैं, किसे मौका दिया जाएगा और किसे नहीं, यह सेलेक्टर्स के लिए बड़ा सिर दर्द होगा.
स्पिन गेंदबाजी का भार कौन संभालेगा, यह भी चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में स्पिन गेंदबाजी का भार सिर्फ ऑलराउंडरों ने ही संभाला है और कुलदीप यादव लगातार बेंच पर बैठे दिखे हैं.
