‘हम सब एकजुट हैं, हमारी विचारधारा में कोई अंतर नहीं’, RSS की तारीफ के बाद दिग्विजय की सफाई

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से पहले शनिवार को भाजपा औ आरएसएस की संगठन शक्ति की तारीफ कर नए सियासी बवाल को जन्म दे दिया। इस मामले पर कांग्रेस दो खेमों में बंटी नजर आ रही है। अब इस पूरे मामले पर दिग्विजय सिंह की ओर से सफाई दी गई है। कांग्रेस नेता का कहना है कि हम (कांग्रेस) सब एकजुट हैं और मैं फूट डालने की भाजपा की कोशिशों की कड़ी निंदा करता हूं।

उनके बयान पर जारी सियासी घमासान के बीच रविवार को दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और नेहरू-गांधी परिवार ऐसा परिवार है, जिसने देश के लिए दो शहादतें दी हैं। नेहरू-गांधी परिवार के भीतर मतभेद दिखाने की भाजपा की कोशिशों की मैं कड़ी निंदा करता हूं। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा- राहुल गांधी ने यह पहल (संगठन को मजबूत करने की) जिला स्तर और उससे नीचे के स्तर से शुरू की है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है, यह जल्द ही पूरी हो जाएगी।

दिग्विजय सिंह के हालिया ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि ऐसा कोई सोच ही नहीं सकता कि दिग्विजय सिंह जो कहते हैं, वह कांग्रेस पार्टी के हित में न हो। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के एक मजबूत स्तंभ हैं और अगर उन्होंने किसी विशेष भाषा का इस्तेमाल किया है, तो उसके संदर्भ, लक्ष्य और उद्देश्य को समझा जाना चाहिए।

सलमान खुर्शीद ने कहा कि उनका स्पष्ट मत है कि पार्टी जो भी कदम उठाए, वह देश की मजबूती और कांग्रेस के सशक्तिकरण के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर प्रभावशाली और अनुभवी नेता की आज की चुनौतियों से निपटने और आगे की रणनीति को लेकर अपनी राय होती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी नेता की विचारधारा सामने रखने के दौरान उसकी छवि और राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में संवाद बेहद जरूरी है और बिना संवाद के आगे बढ़ना संभव नहीं है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने संगठन की तारीफ की है। मैं संघ और मोदी का घोर विरोधी था, घोर विरोधी हूं और रहूंगा। यह पूछे जाने पर कि उन्होंने संगठन में बदलावों का मुद्दा कार्यसमिति की बैठक में उठाया, इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा- मुझे जो कहना था, कह दिया। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि क्या संगठन को मजबूत करना या उसकी तारीफ करना, क्या बुरी बात है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, अगर आप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर मेरे कार्यकाल को देखेंगे तो पाएंगे कि मैंने विकेंद्रीकृत तरीके से काम किया। यह मेरा विचार है।