भारत और साउथ (IND vs SA) अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को जवाब देने पर मजबूर किया. मेहमान टीम के कोच शुक्री कॉनराड (Shukri Conrad) की इसी रणनीति के इर्दगिर्द उन्होंने गुवाहाटी टेस्ट के चौथे दिन अपनी दूसरी पारी को तीसरे सत्र तक खींचा. मेजबान टीम को मैदान पर ज्यादा देर थकाने और लक्ष्य को हाथ से बाहर ले जाने की इस चाल ने मैच का रुख पूरी तरह उनके पक्ष में मोड दिया. 548 रनों की विशाल बढ़त ने भारत की जीत की उम्मीदों के दरवाजे लगभग बंद कर दिए. अब पांचवे दिन भारत के सामने सिर्फ संघर्ष करने की चुनौती बची है.
शुक्री कॉनराड की रणनीति
दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री कॉनराड ने साफ किया कि उनकी टीम शुरुआत से ही भारत को लंबे समय तक फील्ड में रोकने का इरादा रखती थी. उनका कहना था कि वे चाहते थे कि भारतीय खिलाड़ी ज्यादा देर पैर पर खडे रहें ताकि आखिरी दिन उनका दबाव और थकान दोनों बढ़ जाए. कॉनराड ने बताया कि शाम के सत्र में विकेट पर पडती परछाइयां तेज गेंदबाजों को मदद देती हैं, इसलिए उन्होंने जल्दी घोषित करने की बजाय लंबी पारी खेलना बेहतर समझा.
साउथ अफ्रीका की रिकॉर्ड बढ़त
पहली पारी में 247/6 से उभरकर 489 तक पहुंचने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने इस टेस्ट में शुरुआत से ही दबदबा बनाया. इसके बाद उन्होंने भारत को सिर्फ 201 पर समेट दिया. फॉलोऑन का विकल्प होते हुए भी अफ्रीका ने खुद बल्लेबाजी चुनी और चौथे दिन देर तक भारतीय टीम को फील्डिंग कराई. 229.4 ओवर के लंबे परिश्रम के बाद भारतीय खिलाड़ी थके दिखाई दिए. दूसरी पारी में भी 260/5 पर पारी घोषित की और टीम इंडिया को 549 रन का बड़ा लक्ष्य दिया. अब भारत ने दूसरी पारी 27/2 से शुरू करनी है और अफ्रीका को सिर्फ आठ विकेट चाहिए.
पिच उम्मीद से बेहतर
कॉनराड का मानना है कि विकेट उम्मीद से ज्यादा अच्छी रही है, जिससे बल्लेबाजों को सहूलियत मिली. उन्होंने बताया कि वे पिच के और टूटने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नही हुआ. फिर भी उनकी नजर में जल्दी घोषणा बेअसर रहती. कोच ने कहा कि नतीजा कुछ भी निकले, टीम संतुष्ट रहेगी, लेकिन उनका लक्ष्य 2-0 से सीरीज जीत पक्की करना है.
गेंदबाजों ने निभाई अहम भूमिका
दक्षिण अफ्रीका के लिए मार्को यान्सन इस मैच में चमके और पहली पारी में 6/48 लेकर भारत की कमर तोड दी. कॉनराड को विश्वास है कि जैनसन के साथ स्पिनर भी आखिरी दिन भारत पर दबाव बनाएंगे. पिछले दो महीनों में अफ्रीकी स्पिनरों ने पाकिस्तान और भारत दौरों पर शानदार प्रदर्शन किया है. सेनुरन मुथुसामी पाकिस्तान में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे, जबकि साइमन हार्मर इस सीरीज में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल हैं.
स्पिनरों को मिला नया भरोसा
कॉनराड ने कहा कि कई सालों बाद दक्षिण अफ्रीका ने स्पिनरों पर भरोसा दिखाया है और यही बदलाव टीम के लिए सकारात्मक साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि इससे दक्षिण अफ्रीका के युवा स्पिनरों को भी उम्मीद मिलेगी कि अब उनके लिए भी अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाना मुश्किल नही है. तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर यह टीम अब संतुलित आक्रमण के साथ खेल रही है.
