कांग्रेस ने बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के शासन में ‘जंगल राज’ होने के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के आरोपों पर पलटवार करते हुए रविवार (02 नवंबर, 2025) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य में प्रश्नपत्र लीक, रोजगार की तलाश में परिवारों के ‘पलायन’ और जघन्य अपराधों में कथित वृद्धि के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की.
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर निशाना साधते हुए राज्य में आपराधिक घटनाओं में वृद्धि का हवाला दिया और प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या यह उनकी ‘ट्रबल इंजन सरकार’ का तथाकथित मंगल राज है? राजग बिहार में मतदाताओं को यह कहते हुए आगाह कर रहा है कि सत्ता में महागठबंधन की वापसी से पूर्ववर्ती राजद शासन में व्याप्त जंगल राज का युग वापस आ जाएगा, जहां अपराधी दंड के भय से मुक्त होकर काम करते थे.
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पटना की उन्हीं सड़कों पर जहां नौकरी और निष्पक्ष भर्ती परीक्षा की मांग को लेकर युवाओं पर लगभग हर महीने लाठीचार्ज किया जाता था, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री वोट के लिए रोड शो कर रहे हैं. इसलिए आज हम उनसे तीन सीधे सवाल पूछना चाहते हैं. आपके संरक्षण में बिहार में दर्जनों प्रश्नपत्र लीक और भर्ती-प्रवेश परीक्षा घोटाले हुए, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया.
रमेश ने आरोप लगाया कि जब यह पर्याप्त नहीं था तो फर्जी डिग्रियां बेचने का कारोबार भी फलने-फूलने लगा. उन्होंने सवाल किया, ‘बिहार के लाखों युवाओं की कड़ी मेहनत और भविष्य के साथ समझौता क्यों किया गया?’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘बिहार में किए गए एक जाति-आधारित सर्वेक्षण के मुताबिक, 64 फीसदी आबादी यानी लगभग नौ करोड़ लोग अभी भी सिर्फ 67 रुपये प्रतिदिन पर गुजारा करते हैं. आपकी सरकार के 20 साल बाद भी बिहार की हालत इतनी खराब क्यों है?’
