बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में सीटों को लेकर कन्फ्यूजन का माहौल बना हुआ है. महागठबंधन में सीटों को लेकर मचा घमासान अब खुलकर सामने आने लगा है. कई सीटों पर सहयोगी दलों के बीच तालमेल बिगड़ गया है. अब हालात ऐसे हैं कि कांग्रेस और आरजेडी जैसे पुराने सहयोगी एक-दूसरे के आमने-सामने उतर आए हैं. पहले चरण के नामांकन के बीच छह सीटें ऐसी हैं जहां गठबंधन की एकता सवालों के घेरे में है.
जानकारी के मुताबिक, बछवाड़ा, वैशाली, गौड़ा बराम, रोसड़ा, लालगंज और राजापाकड़ ऐसी सीटें हैं, जहां अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. कहीं कांग्रेस और आरजेडी के उम्मीदवार आमने-सामने हैं, तो कहीं वाम दलों और कांग्रेस के बीच सीट को लेकर असमंजस जारी है. सूत्रों का कहना है कि इन सीटों पर अब तक कोई फाइनल लिस्ट पार्टी स्तर पर जारी नहीं की गई है.
इन छह सीटों पर बखेड़ा
बछवाड़ा: यहां सीपीआई और कांग्रेस के बीच टकराव है.
रोसड़ा: सीपीआई और कांग्रेस के बीच यहां भी टकराव है.
राजापाकड़: सीपीआई और कांग्रेस के बीच यहां भी टकराव है.
वैशाली: आरजेडी और कांग्रेस दोनों ने इस सीट पर दावेदारी ठोकी है.
गौड़ा बराम: विकसशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और आरजेडी के बीच टकराव की स्थिति है.
लालगंज: आरजेडी और कांग्रेस दोनों ने इस सीट पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है.
इन तीन सीटों पर कांग्रेस-CPI आमने-सामने
कांग्रेस ने रोसड़ा से तमिलनाडु के पूर्व डीजीपी बीके रवि को अपना उम्मीदवार बनाया है. लेकिन उनके खिलाफ शुक्रवार को भाकपा प्रत्याशी लक्ष्मण पासवान ने यहां से अपना पर्चा दाखिल किया है. 2020 में यहां से कांग्रेस के नरेंद्र कुमार विकल चुनाव लड़े थे.
राजापाकड़ सीट से कांग्रेस की वर्तमान विधायक प्रतिमा दास उम्मीदवार हैं और अपना नामांकन दाखिल कर चुकी हैं. इसके बावजूद सीपीआई से मोहित पासवान ने भी शुक्रवार को यहां से अपना पर्चा दाखिल कर दिया है.
वहीं बिहार शरीफ सीट से कांग्रेस ने ओमेर खान को अपना उम्मीदवार बनाया है. उधर सीपीआई प्रत्याशी शिव प्रकाश यादव उर्फ सरदार जी ने भी यहां से पर्चा दाखिल किया है. 2020 में यह सीट आरजेडी के खाते में थी.
कहलगांव सीट पर टकराव
कहलगांव सीट पर भी कांग्रेस और आरजेडी के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. कांग्रेस ने इस सीट से प्रवीण कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो कांग्रेस की परंपरागत सीट मानी जाती है. हालांकि, इससे पहले ही आरजेडी के उम्मीदवार रजनीश यादव ने यहां से नामांकन दाखिल कर दिया है. कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण कुशवाहा 20 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे, जिससे यहां गठबंधन के भीतर ही मुकाबला तय हो गया है.
गठबंधन की एकता पर सवाल
इस तरह के टकराव से महागठबंधन की एकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पहले चरण में ही 5 सीटों पर गठबंधन के भीतर मुकाबला होने की संभावना है, जो गठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे टकराव से विपक्षी एकता कमजोर होगी, जिसका फायदा एनडीए को मिल सकता है.
महागठबंधन में सीटों को लेकर जारी कन्फ्यूजन ने गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कांग्रेस और आरजेडी के बीच छह सीटों पर टकराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि कहलगांव सीट पर दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों के नामांकन से गठबंधन के भीतर ही मुकाबला तय हो गया है. आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि गठबंधन इन मुद्दों को सुलझा पाता है या नहीं, क्योंकि चुनावी वैतरणी पार करना गठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है.
