फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 09 अक्टूबर 2025 नगर की सबसे महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित पड़ी सीवरेज परियोजना को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। यह उपलब्धि फर्रुखाबाद सदर विधायक मेजर सुनील द्विवेदी के अथक प्रयासों का परिणाम है। इस योजना के क्रियान्वयन के बाद नगर की दशकों पुरानी गंदगी और जल निकासी की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
विधायक मेजर सुनील द्विवेदी ने बताया कि यह योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “अमृत 2.0 योजना” के तहत स्वीकृत हुई है। उन्होंने कहा कि उनके पिता, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी, वर्ष 1977 से ही फर्रुखाबाद नगर में सीवरेज व्यवस्था लागू करवाने के लिए प्रयासरत थे। अब इस योजना की मंजूरी के साथ उनका सपना साकार होने जा रहा है।
तीन चरणों में होगा परियोजना का क्रियान्वयन
मेजर द्विवेदी ने बताया कि सीवरेज परियोजना की कुल अनुमानित लागत 6500 करोड़ रुपये है। योजना की व्यापकता को देखते हुए इसे तीन चरणों में लागू किया जाएगा—
1. पहला चरण: फतेहगढ़ क्षेत्र — लागत 87 करोड़ रुपये
2. दूसरा चरण: आवास विकास क्षेत्र — लागत 192 करोड़ रुपये
3. तीसरा चरण: चौक बाजार से बीबीगंज क्षेत्र — लागत 380 करोड़ रुपये
उन्होंने बताया कि परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को मंजूरी मिल चुकी है और अब टेक्निकल स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसके बाद वित्तीय मंजूरी मिलते ही अगले छह माह के भीतर सीवरेज लाइन डालने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
70 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन से 14 हजार घरों को लाभ
विधायक ने जानकारी दी कि इस योजना के अंतर्गत लगभग 70 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन डाली जाएगी, जिससे 14,000 से अधिक घरों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके लागू हो जाने से सेप्टिक टैंकों में गैस बनने की समस्या, गंदे पानी की निकासी और सड़कों पर जलभराव जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।
अंडरग्राउंड पेयजल पाइपलाइन का काम भी जल्द शुरू होगा
मेजर द्विवेदी ने यह भी बताया कि नगर में अंडरग्राउंड पेयजल पाइपलाइन के लिए 226 करोड़ रुपये की राशि पहले ही मंजूर हो चुकी है। शासन द्वारा इस योजना का टेंडर शीघ्र जारी किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं के पूरा हो जाने के बाद फर्रुखाबाद नगर की पेयजल व सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह आधुनिक और सुचारू हो जाएगी।
नगर विकास की दिशा में बड़ा कदम
यह परियोजना न केवल फर्रुखाबाद के स्वच्छता स्तर को ऊँचा उठाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एक मील का पत्थर साबित होगी। नगरवासियों में भी इस घोषणा को लेकर उत्साह है, क्योंकि यह योजना शहर की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान लेकर आई है।
