भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने खुलकर विराट कोहली और रोहित शर्मा का समर्थन किया है और टीम मैनेजमेंट की कार्यशैली पर बड़ा सवाल उठाया है. अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि भारतीय टीम में “नॉलेज ट्रांसफर” यानी अनुभव साझा करने की संस्कृति ही नहीं है. उनके मुताबिक, टीम मैनेजमेंट सीनियर खिलाड़ियों को संभालने में पूरी तरह नाकाम रहा है.
अश्विन ने कहा, “एक तरफ टीम सिलेक्शन है, दूसरी तरफ कोहली और रोहित. ये दोनो खिलाड़ी एक ही सिक्के के दो भाग हैं. चयनकर्ताओं के फैसलों से यह साफ है कि वे आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन सवाल यह है कि जो खिलाड़ी देश के लिए एक दशक से भी ज्यादा समय तक खेले, उनके साथ बदलाव का तरीका क्या होना चाहिए?”
उन्होंने आगे कहा कि रोहित और कोहली जैसे खिलाड़ियों को सिर्फ “बूढ़ा” कह देना आसान है, लेकिन ऐसे खिलाड़ियों का अनुभव टीम के लिए सोने से भी ज्यादा कीमती होता है. “आईपीएल में कोई युवा अच्छा खेलता है तो तुरंत तुलना शुरू हो जाती है, लेकिन कोई यह नहीं देखता कि दबाव की घड़ी में मैदान पर खड़ा रहना क्या होता है.
