लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 सितम्बर 2025 प्रदेश के परिवहन विभाग में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ है। लंबे समय के बाद एक बार फिर किसी महिला IAS अधिकारी को परिवहन आयुक्त (कमिश्नर परिवहन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्ष 2009 में IAS अर्चना अग्रवाल को यह पदभार मिला था, और अब पूरे 16 साल बाद IAS किंजल सिंह को परिवहन विभाग की कमान सौंप दी गई है।
महिला नेतृत्व की वापसी
परिवहन विभाग प्रायः पुरुष अधिकारियों के नेतृत्व में ही काम करता रहा है। वर्ष 2009 में जब अर्चना अग्रवाल ने इस विभाग का नेतृत्व संभाला था, तब उन्हें कड़े फैसलों और प्रशासनिक सख्ती के लिए जाना गया। उस दौर के बाद से लगातार पुरुष अधिकारियों ने ही विभाग को दिशा दी। लेकिन अब 16 साल बाद एक बार फिर महिला नेतृत्व की वापसी हुई है।
IAS किंजल सिंह का प्रशासनिक अनुभव
IAS अधिकारी किंजल सिंह को ईमानदार, सख्त प्रशासक और संवेदनशील अधिकारी के रूप में जाना जाता है। अपने सेवा कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों में तैनाती के समय कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और जनसुनवाई को लेकर एक अलग पहचान बनाई है।
अब परिवहन विभाग की बागडोर संभालने के बाद उनके सामने सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, राजस्व वृद्धि और डिजिटल सुधार जैसे अहम चुनौतियां होंगी।
परिवहन विभाग में चुनौतियां
सड़क सुरक्षा : प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाना सबसे बड़ी चुनौती है।
भ्रष्टाचार पर नियंत्रण : परिवहन विभाग को लेकर अकसर भ्रष्टाचार की शिकायतें आती रही हैं, जिन पर सख्ती से कार्रवाई करनी होगी।
राजस्व में बढ़ोतरी : सरकार के लिए परिवहन विभाग एक बड़ा राजस्व स्रोत है, ऐसे में पारदर्शिता और तकनीकी सुधार के जरिए आय बढ़ाना आवश्यक होगा।
डिजिटलाइजेशन : ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और परमिट सिस्टम को और सरल व पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करना होगा।
ऐतिहासिक क्षण
किंजल सिंह की नियुक्ति न सिर्फ परिवहन विभाग के लिए अहम है, बल्कि प्रदेश की महिला IAS अधिकारियों के लिए भी प्रेरणादायी मानी जा रही है। लंबे समय बाद यह जिम्मेदारी पाकर यह साबित हुआ है कि प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
यह नियुक्ति प्रशासनिक जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि IAS किंजल सिंह अपने नए दायित्व में किस तरह से नयी कार्यशैली और पारदर्शिता लाती हैं।
