The Dastak 24 (द दस्तक 24) आजमगढ़:: 8 साल की सर्विस और 104 एनकाउंटर, जानिए कौन हैं आजमगढ़ के एसपी अनिल कुमारआईपीएस अनिल कुमार की गिनती यूपी कैडर में ‘एक्शन ऑन द स्पॉट’ वाले अधिकारियों में होती है। महज आठ साल की सेवा में वे अब तक 104 एनकाउंटर कर चुके हैं। सबसे चर्चित बिकरू कांड में भी उनकी निर्णायक भूमिका रही, जब गैंगस्टर विकास दुबे के साथियों ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या की थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस के चर्चित और दबंग आईपीएस अधिकारी अनिल कुमार को आज़मगढ़ जिले की नई कमान सौंपी गई है। अनिल कुमार वर्तमान में प्रतापगढ़ के एसपी हैं और जल्द ही वे आज़मगढ़ का कार्यभार संभालेंगे।104 एनकाउंटर वाले IPSराजस्थान के झुंझुनूं जिले के अलसीसर की रामोजी की ढाणी के रहने वाले आईपीएस अनिल कुमार की गिनती यूपी कैडर में ‘एक्शन ऑन द स्पॉट’ वाले अधिकारियों में होती है। महज आठ साल की सेवा में वे अब तक 104 एनकाउंटर कर चुके हैं। सबसे चर्चित बिकरू कांड में भी उनकी निर्णायक भूमिका रही, जब गैंगस्टर विकास दुबे के साथियों ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या की थी। उस घटना के महज चार घंटे के भीतर ही अनिल कुमार ने मुठभेड़ में आरोपियों को ढेर कर दिया था।डॉक्टर से आईपीएस तक का सफर6 दिसंबर 1981 को जन्मे अनिल कुमार रिटायर्ड स्कूल टीचर श्रवण कुमार और गृहिणी सावित्री देवी के पुत्र हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल से करने के बाद उन्होंने 1997 में 89 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं और 1999 में 90 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण कर राजस्थान बोर्ड की मेरिट सूची में जगह बनाई।इसके बाद 2005 में जोधपुर के सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और दिल्ली के गुरुतेग बहादुर व हिंदूराव अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के रूप में सेवाएं दीं। इसी दौरान अपने कई वरिष्ठ डॉक्टरों को यूपीएससी पास कर आईएएस-आईपीएस बनते देख उन्होंने भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।पांच प्रयासों के बाद मिली सफलतासाल 2009 में पहली बार यूपीएससी में सफलता पाते हुए अनिल कुमार का चयन इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTS) में हुआ। मगर उनका लक्ष्य आईपीएस बनना था। लगातार प्रयास करते हुए उन्होंने पांच बार यूपीएससी परीक्षा पास की और आखिरकार 2016 में उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस बने।
