धर्मशाला:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 सितंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश धर्मशाला स्थित मुख्य तिब्बती बुद्ध विहार में परम पावन दलाई लामा ने एक विशेष दीर्घायु प्रार्थना समारोह में भाग लिया। यह प्रार्थना ल्होखा सांस्कृतिक एवं कल्याण एसोसिएशन, नामग्याल इंस्टीट्यूट इथाका तथा विश्वभर से आए युवा तिब्बती समुदाय के सदस्यों द्वारा परम पावन के स्वास्थ्य और दीर्घायु की मंगलकामना हेतु आयोजित की गई थी।
आयोजन का उद्देश्य
इस दीर्घायु प्रार्थना का मुख्य उद्देश्य परम पावन दलाई लामा के उत्तम स्वास्थ्य, लंबी आयु और विश्व शांति के उनके निरंतर संदेश के लिए मंगलकामना करना था। तिब्बती परंपरा में दीर्घायु प्रार्थना केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामुदायिक महत्व भी रखती है। यह आयोजन तिब्बती समुदाय के अपने आध्यात्मिक नेता के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है।
वैश्विक भागीदारी
समारोह में न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों से, बल्कि यूरोप, अमेरिका और एशिया सहित विभिन्न देशों से आए तिब्बती युवाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर पारंपरिक तिब्बती वाद्ययंत्रों की ध्वनि और भिक्षुओं द्वारा उच्चारित मंत्रों से वातावरण गूंज उठा।
परम पावन का संदेश
समारोह में संबोधन करते हुए परम पावन दलाई लामा ने कहा कि –
करुणा, सत्य और अहिंसा ही मानवता की सच्ची शक्ति है।
युवा पीढ़ी तिब्बती संस्कृति और बौद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
दीर्घायु प्रार्थना जैसे आयोजन केवल उनके लिए नहीं, बल्कि समस्त मानव समाज के लिए शांति और सद्भावना का संदेश हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
आयोजन के दौरान ल्होखा सांस्कृतिक एवं कल्याण एसोसिएशन तथा नामग्याल इंस्टीट्यूट से जुड़े कलाकारों और विद्यार्थियों ने तिब्बती सांस्कृतिक नृत्य एवं गीत प्रस्तुत किए। यह प्रस्तुतियाँ तिब्बती विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और सामूहिक एकता को दर्शाती रहीं।
सामुदायिक महत्व
दीर्घायु प्रार्थना के इस अवसर पर तिब्बती समुदाय ने पुनः यह विश्वास दोहराया कि वे अपनी सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपरा को सुरक्षित रखते हुए विश्व में शांति, करुणा और मैत्री का संदेश फैलाते रहेंगे।
