लखनऊ में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर प्रदर्शनी का शुभारंभ, बलिदानियों को नमन

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 14 अगस्त 2025 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2021 से आरंभ किए गए ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ को इस वर्ष भी पूरे देश में भावपूर्ण तरीके से मनाया जा रहा है। इस दिवस का उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी को हमारे इतिहास के उस दर्दनाक अध्याय से जोड़ना है, जब 14 अगस्त 1947 को भारत के विभाजन ने करोड़ों लोगों के जीवन को गहरे घाव दिए थे।

इसी कड़ी में आज लखनऊ में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में किया गया, जिसमें विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, जनहानि और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को दर्शाने वाले दुर्लभ फोटोग्राफ, दस्तावेज़, प्रत्यक्षदर्शियों की कहानियां और ऐतिहासिक अभिलेख प्रदर्शित किए गए।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने 1947 के विभाजन को केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बताया। लाखों लोग अपने घर-परिवार, ज़मीन-जायदाद और स्मृतियों को छोड़कर नए सीमाओं के पार जाने को विवश हुए। हिंसा, भय और असुरक्षा के बीच लाखों निर्दोषों ने अपनी जान गंवाई। इस विभीषिका का दर्द आज भी देशवासियों की स्मृतियों में जीवित है।

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने विभाजन की पीड़ा झेलने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देते हैं कि विभाजन जैसी त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए हमें एकता, भाईचारे और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करना होगा।

‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ न केवल इतिहास को याद करने का अवसर है, बल्कि यह संकल्प लेने का भी समय है कि देश की अखंडता, विविधता और सांस्कृतिक एकता की रक्षा हर कीमत पर की जाएगी। आज का यह आयोजन बलिदानियों के त्याग को नमन करने और उनकी स्मृतियों को सदैव जीवित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।