लखनऊ:साइबर अपराध के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पुलिस की निर्णायक पहल,राज्य व केंद्र के सहयोग से तैयार होगी ठोस रणनीति।

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 अगस्त 2025 उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और साइबर सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय लखनऊ में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण ने की।

बैठक में एडीजी साइबर क्राइम यूपी श्री बिनोद कुमार सिंह, भारत सरकार की I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के CEO श्री राजेश कुमार तथा IG Threat Analytics Unit श्रीमती रूपा एम. प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य और केंद्र सरकार के बीच आपसी समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाना था, ताकि साइबर अपराधों के विरुद्ध एक साझा और सशक्त रणनीति तैयार की जा सके।

मुख्य बिंदु जो बैठक में सामने आए:

🔹 उत्तर प्रदेश में एक समर्पित साइबर क्राइम सेंटर की स्थापना की जाएगी।

🔹 महिलाओं और बच्चों से जुड़े ऑनलाइन अपराधों पर विशेष ध्यान देने हेतु विशेष इकाई गठित होगी।

🔹 आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सरल और प्रभावी प्रक्रिया लागू की जाएगी।

🔹 साइबर ठगी के हॉटस्पॉट चिन्हित कर लक्षित कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी।

🔹 पुलिस बल को तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा।

🔹 जन-जागरूकता अभियान चलाकर आम जनता को साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा — जिसमें पोस्टर, वीडियो और सामुदायिक कार्यक्रम शामिल होंगे।

तीन स्तंभों पर होगा केंद्रित प्रयास:

1. पहचान और रोकथाम – साइबर अपराध की समय रहते पहचान और उसके स्रोतों पर कार्रवाई।

2. पुलिस प्रशिक्षण – विशेषज्ञ साइबर टीमों का गठन और तकनीकी दक्षता का विकास।

3. जन-जागरूकता – समाज के हर वर्ग को साइबर खतरों के प्रति सतर्क बनाना।

पुलिस महानिदेशक ने बैठक में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस केंद्र सरकार के I4C प्रकोष्ठ के सहयोग से राज्य को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह पहल न केवल साइबर अपराधों की रोकथाम में निर्णायक साबित होगी, बल्कि डिजिटल भारत के युग में आम नागरिकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगी।