लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 अगस्त 2025 उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने अपने कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण और प्रोन्नति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। इस संबंध में आज पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने शक्ति भवन में आयोजित कार्मिक विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
अध्यक्ष डॉ. गोयल ने कहा कि किसी भी संस्था की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है कि उसके सभी संवर्गों के कर्मचारियों को समय-समय पर उपयुक्त एवं आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त होता रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में संविदा कर्मियों सहित सभी संवर्गों को शामिल किया जाए और इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संविदा कर्मियों को समय से वेतन और सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था
बैठक में उन्होंने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी संविदा कर्मियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर मॉनीटरिंग की जाए और वेतन उसी आधार पर निर्गत किया जाए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि संविदा कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले तथा अनुरक्षण कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिलेगा प्रोन्नति का अवसर
बैठक की सबसे अहम घोषणा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए रही। डॉ. गोयल ने कहा कि इन कर्मचारियों को उनकी योग्यता और कुशलता के आधार पर तृतीय श्रेणी पदों पर प्रोन्नत करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण एवं चयन की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी जिससे उन्हें बेहतर भविष्य के अवसर मिल सकें।
अनुशासन और गोपनीय आख्या समय से पूरी करने के निर्देश
कार्मिकों की वार्षिक गोपनीय आख्या को लेकर अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि इसे हर स्तर पर समय से पूरा किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही अनुशासनात्मक कार्यवाहियों के मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों की प्रोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
बैठक में पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक श्री पंकज कुमार, निदेशक (कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगी, बल्कि पावर कारपोरेशन की कार्यक्षमता और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी।
