लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 अगस्त 2025 अगस्त उत्तर प्रदेश सरकार ने ड्रोन के माध्यम से अशांति फैलाने और भय पैदा करने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एक बड़ा और सख्त निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश, विशेषकर लखनऊ समेत सभी जिलों में बिना अनुमति ड्रोन संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “डर पैदा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” तकनीक के दुरुपयोग से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
✅ प्रशासन को दिए गए कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देशित किया है कि:
प्रत्येक जिले में ड्रोन गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए।
संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल जांच व कार्रवाई सुनिश्चित हो।
ड्रोन मॉनीटरिंग सिस्टम को और अधिक सक्रिय किया जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाई जाए।
🚫 ड्रोन से दहशत फैलाने वालों पर चलेगा NSA और गैंगस्टर एक्ट
सरकार की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अब यदि कोई व्यक्ति ड्रोन के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने या किसी प्रकार की दहशत फैलाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
🔍 पृष्ठभूमि में इन्वेस्टिगेशन की बड़ी भूमिका
सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ समय में राज्य के कई जिलों में ड्रोन के जरिये संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं, जिनमें धार्मिक स्थलों, सरकारी भवनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनधिकृत ड्रोन उड़ान शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त फैसला लिया गया है।
🛡️ योगी सरकार का संदेश साफ:
“तकनीक का दुरुपयोग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।”
“कानून-व्यवस्था से कोई खिलवाड़ स्वीकार नहीं है।”
इस सख्त कदम से यह साफ है कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए किसी भी प्रकार की अराजकता या तकनीकी दुरुपयोग को कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगी।
📌 महत्वपूर्ण जानकारी:
यदि किसी को ड्रोन संचालन करना है तो उसे स्थानीय प्रशासन या जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य है। अनधिकृत ड्रोन संचालन अब सीधे अपराध की श्रेणी में आएगा।
