भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और द ओवल मैदान के पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच विवाद का पूरा सच सामने आ गया है। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशू कोटक ने विस्तार से बताया है कि बात क्यों बिगड़ी जिसके बाद ये कहा जा सकता है कि इंग्लैंड सीरीज अपने नाम करने के लिए घिनौनी साजिश कर भारत की तैयारियों को प्रभावित करना चाह रहा है।
टीम इंडिया जब नेट सेशन कर रही थी तब पिच क्यूरेटर ने कुछ बातें कहीं जो टीम इंडिया के कोच गंभीर को पसंद नहीं आईं और उन्होंने कड़े लहजे में इसका विरोध करते हुए क्यूरेटर को जमकर खरी-खोटी सुनाई। क्यूरेटर ने गंभीर को मैच रैफरी से शिकायत करने की धमकी जिसका कोई असर भारतीय खेमे पर नहीं पड़ा।
इंग्लैंड की घिनौनी हरकत
नेट सेशन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए कोटक ने कहा कि जब टीम इंडिया अभ्यास कर रही थी जब एक आदमी आया और वह टीम इंडिया से कुछ चीजें न करने के बारे में कहने लगा। कोटक ने कहा, “जब विकेट देखने गए ना तो कोचेज उधर खड़े थे। तभी उन्होंने एक आदमी भेजा जो बोला कि ढाई मीटर दूर खड़े रहें। जो काफी हैरानी भरा था। एक दिन बाद पांच दिनों का टेस्ट मैच होने वाला है। जॉगर्स पहनकर हम लोग खड़े थे।”
अकड़ दिखाने की जरूरत नहीं
बल्लेबाजी कोच ने कहा कि क्यूरेटर को ये समझना चाहिए कि वह अकड़े नहीं दिखा सकते। कोटक ने कहा, “हम सभी लंबे समय से ग्राउंड पर रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि क्यूरेटर थोड़ा ज्यादा प्रोटेक्टिव होते हैं। वो थोड़ा ज्यादा पजेसिव होते हैं। उन्होंने हेड कोच के बारे में जो कहा है वो मुझे नहीं पता, ये उनके विचार हैं। लेकिन मुझे लगता है कि विकेट को देखना वो भी रबर स्पाइक पहने हुए। इसमें कुछ गलत नहीं है। क्यूरेटरों को भी समझना चाहिए कि जब आप इंटेलिजेंट और अच्छे स्किल लोगों से बात करते हैं, ऐसे में अगर आप अकड़ दिखाते हैं, आप प्रोटेक्टिव हो सकते हैं,लेकिन अंत में ये एक क्रिकेट पिच है।”
