देवरिया:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश में शिक्षा की रक्षा के लिए चल रहे। स्कूल बचाओ अभियान को बड़ी सफलता मिली है। देवरिया जनपद में 30 स्कूलों के मर्जर (विलय) के सरकारी आदेश को रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं, शिक्षा प्रेमियों और पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह “आज़ाद” के संघर्ष का परिणाम है।
संजय सिंह जी ने पहले दिन से ही इस फैसले का पुरज़ोर विरोध किया था। उन्होंने स्पष्ट कहा था। “हमें मधुशालाएं नहीं, पाठशालाएं चाहिए।” उनका तर्क था कि सरकारी स्कूलों का मर्जर ग्रामीण शिक्षा को खत्म करने की एक साज़िश है, जो गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को शिक्षा से दूर कर देगी।
संघर्ष की जीत, बच्चों की जीत
देवरिया में स्कूल मर्जर के खिलाफ स्थानीय लोगों, अभिभावकों और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से आंदोलन चलाया। जनसभाएं, जनजागरूकता अभियान और प्रशासनिक पत्राचार से लेकर धरना-प्रदर्शन तक, हर स्तर पर विरोध दर्ज कराया गया। अंततः शासन को झुकना पड़ा और 30 स्कूलों का मर्जर आदेश वापस लेना पड़ा।
यह सिर्फ देवरिया की जीत नहीं है — यह जनता की जीत है, यह बच्चों की जीत है, यह शिक्षा की जीत है।
आंदोलन अभी जारी है संजय सिंह ने साफ कहा है कि “जब तक हर गांव का स्कूल वापस नहीं आता, तब तक आम आदमी पार्टी का आंदोलन थमेगा नहीं।”
उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्कूलों के मर्जर के खिलाफ विरोध तेज हो चुका है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा एक बुनियादी अधिकार है और इसे खत्म करने की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
स्कूल बचाओ अभियान अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है। आम आदमी पार्टी का संकल्प है — हर गांव में स्कूल, हर बच्चे को शिक्षा।
