लखनऊ,(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 जून 2025 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव देश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन लाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे भाजपा की धांधलियों से सावधान रहते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें और पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
श्री यादव ने सोमवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कार्यक्रम की शुरुआत में स्टैंडअप कॉमेडियन श्री राजीव निगम की प्रस्तुति “बहुत हुआ सम्मान” को उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार, लूट और अराजकता चरम पर है। ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर हर सरकारी विभाग में रिश्वतखोरी और उगाही हो रही है। उन्होंने कहा कि “इतनी लूट और भ्रष्टाचार पहले किसी सरकार में नहीं देखा गया। मंत्री और अधिकारी भ्रष्टाचार के पैसे की बंदरबांट में ही उलझे हैं।”
पीडीए की ताकत से भाजपा को हराएंगे
श्री यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की रणनीति से भाजपा को शिकस्त देने का काम करेगी। उन्होंने भाजपा पर पीडीए के साथ अन्याय करने और उनके अधिकारों को छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि “पीडीए एक भावनात्मक गठबंधन है, जिसे भाजपा तोड़ने की साजिश कर रही है।”
कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय होने का आह्वान
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे वोटर लिस्ट को दुरुस्त कराने, नए वोटरों का नाम जुड़वाने और छूटे हुए वोटरों को जोड़ने के काम में तेजी लाएं। साथ ही जनता के बीच जाकर भाजपा के षड्यंत्रों का पर्दाफाश करें।
श्री यादव ने कहा कि अयोध्या में भाजपा की हार ने उसकी सांप्रदायिक राजनीति का अंत कर दिया है और 2027 में जनता भाजपा को पूरी तरह उखाड़ फेंकेगी।
वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद श्री उदय प्रताप सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री शिवपाल सिंह यादव, सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव, सांसद श्री जावेद अली, पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल समेत बड़ी संख्या में विधायक, पूर्व मंत्री और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
