भुवनेश्वर को लेकर बहुत ज्यादा शोर, ये 2 बड़ी वजह भीं रहीं डगआउट में बैठने की ?

इंडियन प्रीमियर लीग में शनिवार को कोलकाता और बेंगलुरु के बीच खेले गए पहले मुकाबले में करोड़ों फैंस तब हैरान रह गए, जब आरीसीबी की घोषित इलेवन में भारतीय पेसर भुवनेश्वर कुमार का नाम XI से गायब दिखा. यहां तक कि भुवी का नाम सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं था. इससे पहली नजर में यही लगा कि यह अनुभवी पेसर चोट का शिकार हो सकता है. और टॉस के बाद यह साफ भी हो गया कि भुवी को ‘मामूली चोट’ है, लेकिन RCB की आधिकारिक सफाई के बावजूद देखते ही देखते सोशल मीडिया ने इस मामले ने तूल पकड़ लिया और भुवनेश्वर को लेकर फैंस ने सवाल पूछने शुरू कर दिया. आरसीबी ने पिछले साल भुवनेश्वर को 11.75 करोड़ रुपये में खुद के साथ जोड़ा था.

यह भी एक वजह है बाहर होने की!

लेकिन भुवी को बाहर बैठाने के पीछे एक तकनीकी वजह भी हो सकती है. भुवनेश्वर पिछले साल पावर-प्ले में खासा प्रभावी साबित हुए थे. वह उन तीन गेंदबाजों में से एक थे, जिन्होंने पावर-प्ले के शुरुआती ओवरों में दस विकेट चटकाए. साथ ही, उन्होंने इन ओवरों में 8.5 रन प्रति ओवर खर्च किए. हालांकि, भारतीय बॉलरों में यश दयाल एक और बॉलर थे, जो नई गेंद से प्रभावी रहे थे. और उन्हें यहां लेफ्टी होने का तो फायदा मिला ही, तो वहीं वह आरसीबी द्वारा रिटेन किए गए तीन खिलाड़ियों में से एक थे.

‘यहां’ रासिक सलाम भुवी से आगे निकले

प्रबंधन ने पहले मैच में युवा रासिक सलाम को वरीयता दी. रासिक भी पिछले साल खासे प्रभावी रहे थे. दिल्ली कैपिटल्स ने रासिक का डेथ ओवरों में इस्तेमाल किया था. सलाम की ऑफ कटर्स और बैक-ऑफ-द-हैंड से फेंके जाने वाली स्लोअर गेंद विरोधी बल्लेबाजों के लिए जटिल पहेली बन गई थीं. और उन्होंने आखिरी पांच ओवरों में 10.5 रन प्रति ओवर की दर से रन दिए, जबकि इस दौरान भुवी खासे महंगे रहे थे. भुवनेश्वर ने आखिरी पांच ओवरों में 13.4 रन प्रति ओवर की दर से रन खर्च किए थे.

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