पीलीभीत के मौसम में बदलाव के कारण अब छोटे बच्चों में सर्दी-खांसी-जुकाम हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में 80 प्रतिशत बच्चे इसी बीमारी के पहुंच रहे हैं। ऐसे में डाक्टर बच्चों के माता-पिता को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम का बदलाव बच्चों के लिए काफी हानिकारक साबित हो रहा है। दिन में तेज धूप के बाद सुबह-शाम की ठंडक बच्चों को बीमार कर रही है। मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में रोजाना 150 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें वायरल फीवर, निमोनिया, कोल्ड फीवर आदि से ग्रसित बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में अस्थमा व एलर्जी के लक्षण भी मिल रहे हैं। बच्चों के शरीर पर लाल दाने व अन्य समस्याएं सामने आ रही है।
बुजुर्गों में दमा और सांस की हो रही समस्याबुजुर्गों की बात की जाए तो अधिकांश लोगों में दमा व सांस की समस्या देखी जा रही है। बदलते मौसम में बुजुर्गों व बच्चों को खान पान पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
क्या बरतें सावधानी
1- बच्चों के खान पान में जंक फूड बिल्कुल न इस्तेमाल करें।
2- सुबह-शाम बच्चों को हल्के गर्म कपड़े पहनाना शुरु कर दें।
3- बच्चों को हल्का गुनगुना पानी पिलाएं, जिससे सर्दी न हो सके।
4- सांस व दमा रोगी जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले।
बदलते मौसम में बच्चों व बुजुर्गों को खास ख्याल रखने की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज में कई बच्चों में अस्थमा के लक्षण देखने को मिल रहे है। डॉक्टर की बिना सलाह के कोई भी दवा न लें। – डॉ आजाद, बाल रोग विशेषज्ञ