कल एक साधू बाबा मिले,, पढ़िए मजेदार चुटकुले

कल एक साधू बाबा मिले, मैंने पूछा – कैसे हैं बाबाजी…?   बाबाजी बोले – हम तो साधु हैं बेटा, हमारा ‘राम’ हमें जैसे रखता है हम वैसे ही रहते हैं…! तुम तो सुखी हो ना बच्चा…?   मैं बोला – हम तो सांसारिक लोग हैं बाबाजी हमारी ‘सीता’ हमें जैसे रखती है, हम वैसे ही रहते हैं…!!! ………………………………………………………………………………………………………………………………………………………… 2.  पत्नी – शादी क्या है? . . . पति – ‘मान भी जाओ’ से लेकर ‘भाड़ में जाओ’ तक का सफर ही शादी है! बाकी सब तो मोह-माया है…!!! ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

आखिर क्या है अर्जक संघ ?

अर्जक संघ की स्थापना 1 जून 1968 को उत्तर प्रदेश  में महामना रामस्वरूप वर्मा ने अपने सहयोगी महामना चौधरी महाराज सिंह भारती एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी । यह एक विशाल औरों से हटकर सामाजिक संघठन है। अर्जक संघ जीवन जीने की पद्धत्ति है। अर्जक संघ मानववादी संस्कृति का विकास करने का काम करता है।इसका मकसद मानव में समता का विकास करना, ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करना और सबकी उन्नति के लिए काम करना है। संघ 14 मानवतावादी त्योहार मनाता है। इनमें गणतंत्र दिवस, आंबेडकर जयंती,…

भारत में मानवाधिकार :आदर्श कुमार

द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद 1948 में 48 देशों के समूह ने समूची मानव-जाति के मूलभूत अधिकारों की व्याख्या करते हुए एक चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे। इसमें माना गया था कि व्यक्ति के मानवाधिकारों की हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिये। भारत ने भी इस पर सहमति जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के इस चार्टर पर हस्ताक्षर किये। हालाँकि देश में मानवाधिकारों से जुड़ी एक स्वतंत्र संस्था बनाने में 45 वर्ष लग गए और तब कहीं जाकर 1993 में NHRC अर्थात् राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अस्तित्व में आया जो…