राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के नजदीक बंक्याराणी माता मंदिर की 200 सीढ़िया इसकी गवाह हैं। यहां हर शनिवार और रविवार को हजारों भक्तों के हुजूम के बीच 200-300 महिलाओं को ऐसी यातनाओं से गुजरना पड़ता है जिसे देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये यातनाएं भूत से मुक्ति दिलाने के नाम पर दी जाती हैं। खबरों के अनुसार भूत भगाने का धंधा करने वाले (भोपा) हनुमान मंदिर में बने कुण्ड के गंदे पानी को चमड़े के जूते में भरकर पिलाते हैं। वो भी सात बार। मना करने पर महिलाओं…
Day: November 8, 2018
छठ पर्व किसी बिशेष समुदाय के लिए नही है।
छठ महापर्व मैसेज देता है कि सूरज किसी एक का नहीं है,यह हम सबका है, हर जाति का है, हर धर्म का है । मान्यता है कि छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य की अराधना की जाती है। पर्व का प्रारंभ ‘नहाय-खाय’ से होता है, जिस दिन व्रती स्नान कर अरवा चावल, चना दाल और कद्दू की सब्जी का भोजन करते हैं। नहाय-खाय के दूसरे दिन यानी कार्तिक शुक्ल पक्ष पंचमी के दिनभर व्रती उपवास कर शाम में रोटी और गुड़ से…
