बहुत समय पहले इन्द्रप्रस्थपुर के एक शहर में वेदशर्मा नाम का एक ब्राह्मण रहता था। वेदशर्मा का विवाह लीलावती से हुआ था जिससे उसके सात महान पुत्र और वीरावती नाम की एक गुणवान पुत्री थी। क्योंकि सात भाईयों की वह केवल एक अकेली बहन थी जिसके कारण वह अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने भाईयों की भी लाड़ली थी। जब वह विवाह के लायक हो गयी तब उसकी शादी एक उचित ब्राह्मण युवक से हुई। शादी के बाद वीरावती जब अपने माता-पिता के यहाँ थी तब उसने अपनी भाभियों के साथ…
Month: October 2018
अब नहीं बच पाएंगे वाहन चोर, बम विस्फोट के बाद भी नहीं मिटेगा कोड
केंद्र सरकार इस समय एक ऐसी तकनीक को लागू करने पर काम कर रही है, जिससे देश में मोटर वाहनों की चोरी पर लगाम लग सके। इसके तहत एक कार पर 15,000 से भी ज्यादा स्थानों पर एक यूनिक कोड अंकित किया जाएगा। ऐसा इसलिए कि वाहन की चोरी करने वाले उसे कहीं भी ले जाएं तो चोरी हुए वाहन की पहचान आसानी से की जा सके। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुनिया के कई देशों में इस तरह की तकनीक पहले…
भारत समेत वो चार देश, जो दुूनिया में सबसे ज्यादा पैदा करते हैं खाद्य पदार्थ
दुनिया में कुछ ही देश हैं, जो जरूरत से ज्यादा अन्न और खाद्य पदार्थ पैदा करते हैं। दुनिया के चार बड़े पैदावार करने वाले देशों में अमेरिका, चीन, भारत और ब्राजील शामिल हैं। ये सभी बड़े भूभाग पर खेती करते हैं। अमेरिका फूड मार्केट में सुपर पॉवर है। चीन में सबसे ज्यादा अनाज, सब्जियां और फल होता है। ब्राजील में गन्ना मुख्य है। भारत दुूनिया में नंबर दो है।
देश ही नहीं दुनिया ने भी इन भारतीयों को माना लोहा.
अमीर और मशहूर लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए हैं। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें अमीर और पॉपुलर बनाया है। आज हम इस लेख में, उन भारतीयों के बारे में बात करेंगे जिन्होंने सफल होने के लिये काफी संघर्ष किया, और उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उन्हें आज प्रसिद्ध बना दिया है। आज हम उन प्रसिद्ध भारतीयों की प्रेरणात्मक विचारधारा के बारे में जानेंगे जिन्हें दुनिया उनके काम की वजह से जानती है।उनकी धारणा- ‘अगर आप सपने देखते हैं तो आप इसे पूरा भी…
इतिहास के पन्नों में दर्ज हो कर रह जाएगी यह 118 साल पुरानी रेल गाड़ी
साल 1900 की शुरूआत के साथ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और धमतरी के बीच छोटी लाइन की छुक छुक गाड़ी चलना शुरू हुई। उस वक्त नेरो गेज की यह ट्रेन यहां के लोगों के लिए एक बड़े सपने के साकार होने जैसी थी। इस सड़क ने रायपुर से धमतरी के बीच के ग्रामीणों के जीवन में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाया और यहां विकास के एक नए युग की शुस्र्आत की। महात्मा गांधी भी इसी ट्रेन पर सवार होकर कंडेल सत्याग्रह आंदोलन में शामिल होने के लिए धमतरी पहुंचे थे। छोटी…
