सीतापुर: नहर चौराहा–वज़ीरनगर मार्ग पर बिखरी पत्थर-बजरी से राहगीर परेशान, 50 गांवों का मुख्य रास्ता बना मुसीबत

मिश्रिख/सीतापुर। मिश्रिख नहर चौराहा से वज़ीरनगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य के चलते डाली गई पत्थर और बजरी अब राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। अकबरपुर गांव के पास से लेकर विजनापुर गांव के आगे तक कई स्थानों पर ट्रकों द्वारा पूरी सड़क पर पत्थर और बजरी डाल दी गई है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण के नाम पर डाली गई बजरी को अभी तक समतल नहीं कराया गया है। इसके कारण दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का खतरा बना रहता है, वहीं साइकिल सवार और पैदल चलने वाले राहगीरों को भी चलने में काफी मुश्किल हो रही है। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।यह मार्ग उरदौली, बीहट गौर, वज़ीरनगर, महसोनिया, फुलरूवा सहित करीब 50 गांवों को मुख्य कस्बा मिश्रिख से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। रोजाना हजारों लोग इसी मार्ग से बाजार, अस्पताल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए मिश्रिख आते-जाते हैं।सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। मिश्रिख़ सहित आसपास के कई विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से साइकिल और पैदल स्कूल जाते हैं, लेकिन सड़क पर फैली बजरी के कारण उन्हें काफी सावधानी के साथ निकलना पड़ता है। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से सड़क पर बजरी पड़ी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है और सड़क को सही तरीके से तैयार नहीं किया जा रहा।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क पर डाली गई बजरी को समतल कराकर मार्ग को सुचारु कराया जाए, ताकि आम लोगों और स्कूली बच्चों को होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

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