सीकर में समाजसेवी राजेश जोया के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, हिस्ट्रीशीट की निष्पक्ष जांच की उठी मांग

सीकर : जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को समाजसेवी राजेश जोया के समर्थन में विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं, किसानों एवं आम नागरिकों ने विशाल रैली एवं ज्ञापन आंदोलन आयोजित किया। प्रदर्शनकारियों ने डाक बंगला से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्न मांगें रखी गईं—समाजसेवी राजेश जोया की हिस्ट्रीशीट खोले जाने की संपूर्ण प्रक्रिया, आधार एवं अभिलेखों की स्वतंत्र, पारदर्शी एवं निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कर आवश्यक होने पर हिस्ट्रीशीट निरस्त की जाए, दोषमुक्ति आदेश, एफआर, खारिज मामलों एवं अन्य न्यायिक आदेशों को रिकॉर्ड में समुचित महत्व देकर पुनः समीक्षा की जाए, हिस्ट्रीशीट से संबंधित आदेश, संस्तुतियां, अनुमोदन एवं आधारभूत अभिलेखों की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं, मामले की जांच किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अधिकारी/समिति से कराई जाए, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनआंदोलनकारियों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए कार्य करने वालों के साथ निष्पक्ष प्रशासनिक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए, केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराधी के रूप में प्रस्तुत न किया जाए तथा उसकी संवैधानिक गरिमा की रक्षा की जाए, राजेश जोया के सामाजिक कार्यों, जनहित गतिविधियों एवं उपलब्ध न्यायिक तथ्यों को भी जांच में शामिल किया जाए, राजेश जोया को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर प्रदान किया जाए, यदि किसी दोषमुक्ति आदेश, एफआर या न्यायिक तथ्य की उपेक्षा हुई हो तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। सभा को संबोधित करते हुए भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन की राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं राजस्थान मुख्य प्रभारी सोनिया जोया ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन सभी समाजसेवी, आंदोलनकारी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं की आवाज है जो संवैधानिक दायरे में रहकर न्याय और सामाजिक अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं। उन्होंने कहा कि समाजसेवी राजेश जोया को वर्ष 2023 में ही माननीय न्यायालय द्वारा दोषमुक्त किया जा चुका है और राजनीतिक दबाव के चलते जिला पुलिस सीकर ने षड्यंत्र करते हुए अप्रैल 2024 में समाजसेवी राजेश जोया के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर संविधान और कानून के विरुद्ध हिस्ट्रीशीट खोली है। जिसकी हम स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
समाजसेवी राजेश जोया पर वर्तमान में कोई गंभीर मामला दर्ज नहीं है तो समाजसेवी राजेश जोया के बारे में अधूरी या एकतरफा जानकारी प्रस्तुत करना उचित नहीं है।इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। साथ ही किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन केवल आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि न्यायालयीन निर्णयों, उपलब्ध अभिलेखों एवं उसके सामाजिक योगदान के आधार पर किया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में मीडिया में प्रकाशित उन खबरों पर भी आपत्ति जताई जिनमें नीट छात्र प्रदीप महीच आत्महत्या प्रकरण के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात संबंधी समाचारों में राजेश जोया को “हिस्ट्रीशीटर” बताया गया था। आंदोलनकारियों का कहना था कि उपलब्ध न्यायिक तथ्यों एवं दोषमुक्ति आदेशों को भी सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाना चाहिए ताकि समाज में भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। आजाद समाज पार्टी पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मपाल बाबर केवल आरोपों के आधार पर समाजसेवी राजेश जोया को अपराधी कहना न्याय की आवाज को दबाने का षड्यंत्र है। भीम आर्मी जिलाध्यक्ष एडवोकेट जयस्वामी कल्याण ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषमुक्त किया जा चुका है तो उसके संबंध में तथ्यात्मक एवं संतुलित जानकारी प्रस्तुत की जानी चाहिए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता रवि मेघवाल ने कहा कि पीड़ित परिवारों की सहायता करना और उनके लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। कार्यक्रम के दौरान भीम आर्मी, स्टूडेंट फेडरेशन, डीएएसएफआई, भारत मुक्ति मोर्चा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने ये ऐलान किया कि जब तक समाजसेवी राजेश जोया भाई को न्याय नहीं मिलेगा तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच एवं न्यायोचित कार्रवाई की मांग की।कार्यक्रम के दौरान “संविधान सर्वोपरि है”, “सामाजिक न्याय ज़िंदाबाद”, “जनआवाज़ ज़िंदाबाद” जैसे नारों से पूरा जिला मुख्यालय गूंज उठा। इस दौरान वार्ड नंबर 58 के पार्षद मनीष कुमार, मंजू वर्मा, कल्पना जोया, प्रदीप नारायण, महेश बारोठिया, अरविंद वर्मा डीएएसएफआई, सदर कसम ख़िलजी, जीतू मेघवंशी,लीलाराम आज़ाद, कृष्ण कटराथल, धर्म सिंह तानाण, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राकेश गढ़वाल, एड विजय चाहिल, एड अनिल कूदन, रोशन बरवड़, सुभाष जोया, विक्की लखन, लेखराज लूनिया, नेमी बलाई, रहीम, प्रभु खीचड़, रमेश नाथावतपूरा, व दर्जनों महिलाओं सहित हजारों लोग मौजूद रहे।

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