मिर्जापुर स्टेशन पर कांवड़ियों द्वारा CRPF जवान की पिटाई: आस्था या अराजकता ?

मिर्जापुर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर जो कुछ हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। वायरल वीडियो में देखा गया कि कुछ कांवड़ियों ने एक सीआरपीएफ जवान को बेरहमी से लात-घूंसे मारे और उसे बुरी तरह पीट डाला। यह दृश्य न सिर्फ शर्मनाक था, बल्कि कई सवालों को जन्म देने वाला भी था – क्या धार्मिक आस्था के नाम पर किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार मिल जाता है? क्या कांवड़ यात्रा अब भक्ति नहीं, बल्कि अराजकता का प्रतीक बनती जा रही है?

जानकारी के अनुसार, मामूली कहासुनी के बाद कुछ कांवड़ियों ने जवान पर हमला कर दिया। स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन कुछ ही घंटों में उन्हें जमानत मिल गई। यही वह बिंदु है जिसने आम नागरिकों की भावनाओं को आहत किया है। देश की सुरक्षा में तैनात जवान को पीटना और फिर आरोपियों का इतनी जल्दी छूट जाना – यह न्याय व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा में कुछ असामाजिक तत्व जबरन शामिल हो रहे हैं, जो न तो धर्म का सम्मान करते हैं और न ही समाज का। वे अपनी आस्था को हिंसा और गुंडागर्दी में बदल कर पूरे आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं।

कांवड़ यात्रा एक पवित्र धार्मिक परंपरा है, जिसमें शिव भक्त जल चढ़ाने के लिए पदयात्रा करते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में इस यात्रा के दौरान ट्रैफिक अवरोध, ध्वनि प्रदूषण, और हिंसक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अगर समय रहते इन गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो श्रद्धा का यह उत्सव अराजकता का प्रतीक बन सकता है।

अब ज़रूरत है सख्ती की

राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि धार्मिक यात्राओं में शामिल होने वाले हर व्यक्ति की पहचान और निगरानी हो। साथ ही, कानून के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वह कोई भी हो – श्रद्धालु, साधु या आम नागरिक। देश की रक्षा करने वाले जवानों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है, और उस सम्मान में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। क्या कांवड़ यात्रा की आड़ में फैलती अराजकता पर अब लगाम लगेगी? या फिर धर्म के नाम पर हिंसा को यूं ही नजरअंदाज किया जाता रहेगा? यह सवाल अब सिर्फ मिर्जापुर का नहीं, पूरे देश का बन चुका है।