फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 जनवरी 2026 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
संगोष्ठी में जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी एवं थाना अध्यक्ष उपस्थित रहे। इस अवसर पर एआरटीओ प्रवर्तन श्री सुभाष राजपूत एवं जिला रोल-आउट मैनेजर श्री दीपक कुमार ने भी सहभागिता की और केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट सुविधा लागू की जा रही है, जिसके अंतर्गत घायल व्यक्ति को दुर्घटना के बाद 7 दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु चिकित्सा विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
कैशलेस ट्रीटमेंट की पूरी प्रक्रिया को जिला रोल-आउट मैनेजर श्री दीपक कुमार द्वारा पीपीटी के माध्यम से विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया।
संगोष्ठी में राह-वीर योजना की भी जानकारी दी गई। एआरटीओ ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा यह योजना 21 अप्रैल 2025 से प्रारंभ की गई है, जो 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। योजना के अंतर्गत किसी घातक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के बाद एक घंटे (गोल्डन ऑवर) के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
इस योजना में बड़ी सर्जरी, न्यूनतम तीन दिन का अस्पताल में उपचार, मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की गंभीर चोट तथा इलाज के दौरान मृत्यु जैसी स्थितियां सम्मिलित हैं। अधिकारियों ने बताया कि राह-वीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
इसके अतिरिक्त हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ित मुआवजा योजना-2022 पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। एआरटीओ ने बताया कि अज्ञात वाहन से हुई सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये मुआवजे का प्रावधान है।
मुआवजा प्राप्त करने के लिए पीड़ित या मृतक के परिजन को दुर्घटना स्थल के उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा, जिसके साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक, एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा उपचार से संबंधित दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में जनपद में हिट एंड रन की कुल 109 घटनाएं हुईं, जिनमें 89 लोगों की मृत्यु तथा 81 लोग घायल हुए। इन आंकड़ों को देखते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।
संगोष्ठी के अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाना प्राथमिकता में रखा जाए तथा आमजन को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाए।
