कासगंज: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में सखी बन कर काम करने पर मिलेगा लाभ, स्वम सहायता समूह की महिला बन सकेंगी विभिन्न प्रकार की सखियां

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं बन सकेंगी विभिन्न प्रकार की सखी जैसे – समूह सखी, बैंक सखी, बी सी सखी, विद्युत सखी , आजीविका सखी , सूक्ष्म उद्यम सखी , ड्रोन सखी स्वास्थ सखी आदि। इससे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी। सखी बनने की पात्रता- स्वयं सहायता समूह की सदस्य हो उम्र 18 से 45 वर्ष के मध्य हो
कक्षा 10वीं पास हो गणित का ज्ञान होना अनिवार्य एंड्राइड फोन के बारे में जानकारी मानदेय – सखी बन कार्य करने पर समूह की महिलाओं को कार्य आधारित 1000 से लेकर 5000 रू0 प्रति माह सरकार महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सखी के कार्य समूह से जुड़े लोगों को उद्योग लगाने के लिए प्रेरित करना पुराने उद्योगों को बढ़ाने में समूह के सदस्यों की मदद करना, समूह के सदस्यों को बैंक क्रेडिट लिमिट दिलाने में प्रयास करना आदि।
जनपद के 7 विकास खंड पर सखी का चयन किया जाएगा। जिले में करीब 5801 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनमें से कासगंज में 1168, सोरोंजी में 957, गंजडुंडवारा में 824, सिढ़पुरा में 810, अमांपुर में 733, सहावर में 726 और पटियाली में 583 समूह संचालित हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समूह में काम करने वाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ग्रामीण महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए प्रयास कर रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सके