Monday, 14 September 2026 | 9:18 PM
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छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा परिणाम पर सवाल क्यों ?

हाल ही में छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल अर्थात व्यापम द्वारा Adeo का परीक्षा कराया गया था जिसका परिणाम 14 अगस्त 2025 को जारी कि गया, परीक्षा परिणाम जारी होते ही बवाल मच गया कुछ अभ्यर्थी दंग रह गए कुछ, अभ्यर्थियों का सपना टूटा तो कुछ अभ्यर्थियों को समझ में नहीं आया कि उसके साथ क्या हो रहा है ,द
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छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा परिणाम पर सवाल क्यों ?
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हाल ही में छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल अर्थात व्यापम द्वारा Adeo का परीक्षा कराया गया था जिसका परिणाम 14 अगस्त 2025 को जारी कि गया, परीक्षा परिणाम जारी होते ही बवाल मच गया कुछ अभ्यर्थी दंग रह गए कुछ, अभ्यर्थियों का सपना टूटा तो कुछ अभ्यर्थियों को समझ में नहीं आया कि उसके साथ क्या हो रहा है ,दर असल बात यह है कि इस adeo परीक्षा में कुल 100 अंकों का 100 प्रश्न थे जिनमें से 12 प्रश्नों का विलोपन किया गया अर्थात डिलीट कर दिया गया तथा 6 प्रश्नों का उत्तर एक से अधिक विकल्पों को सही मान्य किया गया इस प्रकार 18 प्रश्न प्रत्यक्ष रूप से परीक्षा परिणाम को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लगी तथा वह अवाक ऐसे हो गए जैसे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई हो कल तक जो मेहनत करके adeo बनने का सपना देख रहा था वह इस परीक्षा परिणाम का ऐसे शिकार हुआ जैसे महाभारत में अभिमन्यु का हुआ था ।

प्रश्नों को विलुप्त करने की जादूगरी व्यापम पहले भी कर चुका है किंतु इस बार की जादूगरी बड़े-बड़े जादूगर को भी पीछे छोड़ देगी और इस तरह परीक्षा परिणाम पूरा उलट-पुलट हो गया क्या इतनी बड़ी एजेंसी जिसका काम सिर्फ परीक्षा कराना है क्या वे केवल सही 100 सवाल नहीं बन पा रहे है या वह जानबूझकर कर रहा है यह प्रश्न अपने आप में बहुत पड़ा है ,व्यापम की यह कृत्य समझ से परे है। हद तो जब हो गई की व्यापम की ऐसे विशेषज्ञों को जिन्हें यह भी नहीं पता था कि छत्तीसगढ़ के सरपंच किसे अपना त्यागपत्र देता है अभ्यर्थियों के दावा आपत्ति के बाद यह जाना कि छत्तीसगढ़ का सरपंच अपना इस्तीफा किसे देता है। व्यापम की ऐसी हरकतों से अभ्यर्थी में नाराजगी एवं आक्रोश होना लाजमी है ।सिस्टम के इस रवैया के शिकार अभ्यर्थियों की केवल यही मांग है की परीक्षा रद्द हो तथा पारदर्शी पूर्ण नई परीक्षा हो हम अभ्यर्थियों का मां-पिता से यही कहना चाहेंगे कि आपका बेटा बेटी कमजोर नहीं है, कमजोर आपके सिस्टम है जो 100 सही प्रश्न नहीं बना पा रहे हैं और सही परीक्षा कंडक्ट नहीं कर पा रही है। अब देखना यह है कि अभ्यर्थियों की इस मांग से सरकार प्रभावित होती है या व्यापम को दुर्योधन जैसे खुली छूट दे देती है।

सावंददाता : शिवेंद्र जायसवाल