Monday, 14 September 2026 | 10:09 PM
Politics

आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का समय, राजनीतिक आलोचनाएं बाद में: सुप्रिया सुले ?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने शनिवार को कहा कि वह दुनियाभर के नेताओं को आतंकवाद व उसके समर्थकों से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प से अवगत कराएंगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मुद्दे पर राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। राकांपा (एसपी) की कार्यकारी
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आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का समय, राजनीतिक आलोचनाएं बाद में: सुप्रिया सुले ?
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने शनिवार को कहा कि वह दुनियाभर के नेताओं को आतंकवाद व उसके समर्थकों से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प से अवगत कराएंगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मुद्दे पर राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। राकांपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं राजीव प्रताप रूडी, अनुराग ठाकुर व वी मुरलीधरन, कांग्रेस नेताओं मनीष तिवारी व आनंद शर्मा, तेलगु देशम पार्टी (तेदेपा) नेता लवू श्री कृष्ण देवरायलू, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता विक्रमजीत सिंह साहनी और पूर्व राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन के साथ कतर, दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया और मिस्र जा रहे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं।

सुले ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह राजनीति का समय नहीं है बल्कि भारत के बारे में बात करने का समय है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर हमला भारत की आत्मा पर हमला था जिस पर हमारी प्रतिक्रिया संतुलित थी, ताकि आतंकवाद के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं दिखाने का स्पष्ट संदेश दिया जा सके। सुले ने कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के प्रयासों पर कहा कि राकांपा (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने पार्टी की ओर से स्पष्ट कर दिया है कि यह राजनीति करने या आलोचना करने का समय नहीं है। सुले ने कहा, “हम सभी के पास सरकार से पूछने के लिए कुछ कठिन सवाल हैं, लेकिन यह समय सरकार के साथ एकजुट होने का है। यह दिखाने का समय है कि भारत एकजुट है और आतंकवाद के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। यह राजनीतिक बयानबाजी में लिप्त होने का समय नहीं है। चाहे कोई भी सत्ता में हो, हमारी नीति यही होगी कि पहले राष्ट्र, फिर राज्य, फिर पार्टी और उसके बाद परिवार।” सुले नीत प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले कतर जाएगा, जो पश्चिम एशियाई क्षेत्र में प्रभावशाली माना जाता है और क्षेत्रीय संघर्षों में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। सुले ने कहा, “मौजूदा समय दुनिया को यह बताने का है कि भारत आतंकवाद और उसके प्रायोजकों के खिलाफ एकजुट है।”