Monday, 14 September 2026 | 10:08 PM
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हमास के दूसरे नंबर के नेता याह्या सिनवार का नाम एक बार फिर सुर्खियों में

अभी हाल ही में हमास के अचानक किए गए हमले ने इजराइल को हैरान कर दिया था। इसके बाद इजराइल ने जवाबी कार्रवाई की है जिसमें हमास के कई लड़ाके ढेर हो गए हैं। बीते एक सप्ताह से ये जंग जारी है। इन हमलों के बाद हमास के दूसरे नंबर के नेता याह्या सिनवार का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। इजरायल की फौज को याह्
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हमास के दूसरे नंबर के नेता याह्या सिनवार का नाम एक बार फिर सुर्खियों में
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अभी हाल ही में हमास के अचानक किए गए हमले ने इजराइल को हैरान कर दिया था। इसके बाद इजराइल ने जवाबी कार्रवाई की है जिसमें हमास के कई लड़ाके ढेर हो गए हैं। बीते एक सप्ताह से ये जंग जारी है।
इन हमलों के बाद हमास के दूसरे नंबर के नेता याह्या सिनवार का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है।
इजरायल की फौज को याह्या को पागलों की तरह ढूंढ रही है। इजरायली अफसरों ने इस शख्स को बुराई का चेहरा बताया है और गाजा पर इसे और इसके गुर्गों को खत्म करने की कसम खाई है। आइए जानते हैं कि कौन है सिनवार और इजरायली फौज क्यों ढूंढ रही है।
याह्या सिनवार, हमास का दूसरा बड़ा नेता है। सन् 1962 में जन्मा yahya दक्षिण गाजा के खान यूनिस शहर में होश संभाला। ये क्षेत्र उस वक्त मिस्र के कब्जे में था। इजरायली फौज उसे उसके गृह नगर के नाम पर हान युनिस का कसाई कहती हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सिनवार का परिवार पहले अश्क लोन में बसा था, जो अब दक्षिण इजरायल में है, जिसे पहले अल मसदर के नाम से जाना जाता था।
सन् 1948 में इजरायल ने उस जगह को अपने अधिकार में ले लिया, जिसके बाद सिनवार के परिवार को गाजा में छोड़ना पड़ा। याह्या सिनवार के पास गाजा में इस्लामिक विश्विद्यालय से अरबी अध्यन में स्नातक की डिग्री है।
बता दें कि सिल्वा ने कुल मिलाकर करीबन 24 साल इजरायली जेल में बिताए हैं। उसे पहली बार 1982 में विध्वंसक गतिविधियों के लिए अरेस्ट किया गया था। इसके बाद के वर्षों में उन्होंने एक इकाई बनाने के लिए सलाह सौदे के साथ गठजोड़ किया, जिसने फिलिस्तीनी आंदोलन के अंदर इजरायल के जासूसों को मौत के घाट उतारा। तो वहीं सन् 1987 में हमास की स्थापना के बाद याह्या सिनवार हमास में बड़ा लीडर बन गया।