पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI के खिलाफ छापामार कार्रवाई के बीच नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि इस फैसले के तार पीएफआई के खिलाफ जारी कार्रवाई से नहीं जुड़े हैं। मंगलवार को ही जांच एजेंसियों ने साझा ऑपरेशन में करीब 8 राज्यों में दबिश देकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।मंगलवार को नागपुर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि शहर के सभी अहम भवनों पर सुरक्षा में इजाफा किया गया है। इनमें महल स्थिति संघ मुख्यालय भी शामिल है। इसकी वजह 'जारी त्योहार का समय' बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संघ मुख्यालय के अलावा उन सभी जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है, जहां लोगों का आना-जाना ज्यादा है।
आयुक्त ने कहा कि इस कदम का पीएफआई और उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया कि संघ मुख्यालय क्लास ए में आता है और इसके चलते यह 'मुख्य प्राथमिकता' में भी शामिल है। उन्होंने जानकारी दी कि महत्वपूर्ण भवनों का सिक्युरिटी ऑडिट नियमित रूप से किया जाता है।
लगातार जारी छापामार कार्रवाई के बीच सरकार ने पीएफआई पर बुधवार को 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही सरकार ने पीएफआई के सहयोगी संगठनों पर भी शिकंजा कसा है। खबर है कि आतंकवाद से तार जुड़े होने के चलते केंद्रीय गृहमंत्रालय की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। खास बात है कि एक ओर जहां पहली रेड में 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, दूसरे राउंड में यह संख्या 200 के पार पहुंच गई थी।
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पुलिस द्वारा RSS मुख्यालय की बढ़ाई गई सुरक्षा
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI के खिलाफ छापामार कार्रवाई के बीच नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि इस फैसले के तार पीएफआई के खिलाफ जारी कार्रवाई से नहीं जुड़े हैं। मंगलवार को ही जांच एजेंसियों ने साझा ऑपरेशन में करीब 8 राज
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